राजनगर CHC में डिलीवरी के दौरान मां-बच्चे की मौत मामले में प्रशासन सख्त, डॉक्टर-नर्स से पूछताछ

पूछताछ करते हुए
Seraikela Kharsawan: राजनगर सीएचसी में डिलीवरी के दौरान मां और बच्चे की मौत के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. एसडीओ के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल पहुंचकर प्रारंभिक जांच की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan: सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दो दिन पहले प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे कि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों पर कार्रवाई हो.
एसडीओ के नेतृत्व में प्रारंभिक जांच
उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने रविवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में सीएचसी पहुंचकर प्रारंभिक जांच की. इस दौरान घटना की रात की परिस्थितियों की पड़ताल की गई. ड्यूटी पर तैनात नर्सों और जनरेटर ऑपरेटर से गहन पूछताछ की गई. हालांकि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवशंकर कुंकल मौके पर उपस्थित नहीं मिले.एसडीओ ने उन्हें तथा प्रसव में शामिल अन्य नर्सिंग स्टाफ को तलब कर अलग से पूछताछ करने की बात कही है.
प्रारंभिक जांच में प्रशासन का मुख्य फोकस
प्रारंभिक जांच में प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि बिजली बाधित होने के बाद भी अस्पताल में दूसरे मौजूद इंतजाम- सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जनरेटर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. एसडीओ ने इन सभी व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण कर संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब किया. पूछताछ के दौरान पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अर्जुन सोरेन ने बताया कि घटना की रात सोलर बैटरी चार्ज नहीं थी और लंबे समय से जनरेटर का इस्तेमाल नहीं होने के कारण उसकी स्थिति भी ठीक नहीं थी. इस पर एसडीओ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने जनरेटर के रखरखाव और ईंधन पर हुए खर्च की भी जांच कराने की बात कही.
एसडीओ ने क्या कहा?
जांच के बाद एसडीओ अभिनव प्रकाश ने कहा कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित टीम द्वारा प्रारंभिक जांच की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वैकल्पिक व्यवस्था होने के बावजूद जनरेटर नहीं चलाया जाना गंभीर मामला है. उन्होंने बताया कि जांच जारी है और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सों से गहन पूछताछ के बाद रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी. दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.
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