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सीएम का निर्देश, हर जिले में एक मॉडल स्कूल होगा आवासीय

Updated at : 13 Feb 2020 7:38 AM (IST)
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सीएम का निर्देश, हर जिले में एक मॉडल स्कूल होगा आवासीय

स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने शुरू की प्रक्रिया रांची : राज्य के मॉडल विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से आवासीय विद्यालय बनाया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है. हर जिले में एक मॉडल विद्यालय को आवासीय विद्यालय बनाया जायेगा. विद्यालयों को चिह्नित […]

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स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
रांची : राज्य के मॉडल विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से आवासीय विद्यालय बनाया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
हर जिले में एक मॉडल विद्यालय को आवासीय विद्यालय बनाया जायेगा. विद्यालयों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. राज्य में वर्तमान में 89 मॉडल स्कूल संचालित हैं. इनमें 66 विद्यालयों के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. हर जिले में एक लीडर स्कूल चिह्नित कर उसे विकसित किया जायेगा. कस्तूरबा विद्यालयों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता अनुरूप इसका पुनर्गठन किया जायेगा.
कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति भी की जायेगी. मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा विद्यालयों में दी गयी खेल सामग्री, जिम व अन्य सुविधाओं को चालू हालत में रखने व इसका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा. वोकेशनल शिक्षकों के बकाया मानदेय का भुगतान करने व दोषी एजेंसी पर कार्रवाई करने को कहा गया है.
कस्तूरबा स्कूल की निगरानी के लिए बनेगा नियंत्रण कक्ष : राज्य के कस्तूरबा स्कूल की मुख्यालय स्तर से निगरानी की जायेगी. इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया जायेगा. विद्यालय के शिक्षक व विद्यार्थियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जायेगी. कस्तूरबा स्कूल में डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जायेगा. विद्यालय की छात्राओं का नामांकन उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में कराने को कहा गया है.
घूस लेते दारोगा का वीडियो देख की कार्रवाई
धनबाद के अलकडीहा थाना प्रभारी ललन प्रसाद द्वारा घूस लेने का वीडियो वायरल होने के बाद सीएम ने धनबाद के डीसी व एसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद दारोगा को निलंबित कर दिया गया. सीएम ने ट‍्वीट में लिखा था कि थाना को धन उगाही का अड्डा नहीं बनने दें. इस मुद्दे को गंभीरता से लें.
थाना प्रभारी द्वारा एक मामले के निपटारे के लिए खुलेआम जनता दरबार में न सिर्फ दोनों पक्षों से बतौर घूस पांच-पांच हजार रुपये लिये गये, बल्कि कम घूस देने के कारण अगली बार उन्हें जेल भेज देने तक की धमकी दी गयी.
सीएम को कचरा नहीं उठाने की दी जानकारी
दूसरी ओर, जमशेदपुर के सत्यदेव सिंह ने सीएम को ट्विट करके बताया कि जमशेदपुर के गौर कंपनी क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से नगर निगम की तरफ से कचरा नहीं उठाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने तत्काल उपायुक्त को निर्देश दिया कि समस्या का न सिर्फ निष्पादन करें बल्कि यह भी देखें कि आगे से यह समस्या न हो.
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