रांची : पीओके के इतिहास को जानने की जरूरत: बंसल
Updated at : 10 Feb 2020 8:55 AM (IST)
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रांची : पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के इतिहास को जानने की जरूरत है. हमें किसी भी इलाके के बारे में जानकारी लेने से पहले उसके इतिहास को जानना जरूरी है. उक्त बातें रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (रि) आलोक बंसल ने कही. वे रविवार को जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर रांची चैप्टर की ओर से डोरंडा स्थित पलाश […]
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रांची : पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के इतिहास को जानने की जरूरत है. हमें किसी भी इलाके के बारे में जानकारी लेने से पहले उसके इतिहास को जानना जरूरी है. उक्त बातें रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (रि) आलोक बंसल ने कही. वे रविवार को जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर रांची चैप्टर की ओर से डोरंडा स्थित पलाश सभागार में चीन-पाकिस्तान अधिकृत लद्दाख एवं जम्मू-कश्मीर विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि इन दिनों पाकिस्तान इस इलाके को अपने नक्शे में दिखाकर इसे अपना बनाने में लगा हुआ है. हमें उसके इस मंसूबे को सफल नहीं होने देना है. उन्होंने कहा कि 78,114 वर्ग किमी का यह हिस्सा हर तरह से संपन्न है. पाकिस्तान यहां आतंकी संगठन को पनाह दिये हुए है. उन्होंने पावर प्वाइंट के माध्यम से वहां के बारे में दिखाया अौर वहां की संस्कृति से लेकर रहन-सहन के बारे में जानकारी दी.
सम्मानित किया गया : युद्ध के दौरान देश की सुरक्षा में तैनात रहे रांची निवासी कर्नल (रि) मोहन लाल तिवारी, सूबेदार राम व कठिन पांडेय को संगठन की ओर से अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. अध्यक्षीय भाषण आर्थिक मामलों के जानकार अयोध्या नाथ मिश्र व स्वागत भाषण हाइकोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार ने दिया. संगठन के राज्य संयोजक वरिष्ठ वैज्ञानिक जेके सिंह और सचिव इंद्रजीत प्रसाद सिंह ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन रमाकांत महतो ने किया.
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