जर्जर होने लगे बंद पड़े स्कूल भवन, कहीं बांध रहे मवेशी, कहीं जमा लिया कब्जा

Updated at : 08 Feb 2020 6:38 AM (IST)
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जर्जर होने लगे बंद पड़े स्कूल भवन, कहीं  बांध रहे मवेशी, कहीं जमा लिया कब्जा

विलय के बाद बंद 202 विद्यालय की स्थिति की जानकारी शिक्षा कार्यालय के पास नहीं रांची : शिक्षा का अधिकार अधिनियम के शर्तों का पालन नहीं करनेवाले 367 विद्यालयों का विलय किया गया था. इसमें 312 विद्यालय विलय के बाद बंद हो गये. वहीं, 54 विद्यालय को मध्य विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में डिमोट किया […]

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विलय के बाद बंद 202 विद्यालय की स्थिति की जानकारी शिक्षा कार्यालय के पास नहीं
रांची : शिक्षा का अधिकार अधिनियम के शर्तों का पालन नहीं करनेवाले 367 विद्यालयों का विलय किया गया था. इसमें 312 विद्यालय विलय के बाद बंद हो गये. वहीं, 54 विद्यालय को मध्य विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में डिमोट किया गया था. जिन 312 विद्यालयों को बंद किया था, उसमें से 110 विद्यालय भवन जेएसएलपीएस को दिये गये. शेष 202 विद्यालय भवन का उपयोग नहीं हो रहा.
इन भवनों की स्थिति की कोई जानकारी भी शिक्षा कार्यालय के पास नहीं है. करोड़ों के लागत से बने इन भवनों पर या तो अवैध कब्जा हो गया है या फिर भवन जर्जर हो गये हैं. राज्य की नयी सरकार इन बंद पड़े विद्यालय भवन को फिर से खोलने की बात कह रही है. ऐसे में इन भवनों में फिर से पठन-पाठन शुरू करना चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है. भवनों के मरम्मत पर फिर लाखों रुपये खर्च करना पर सकता है. रांची में सबसे अधिक 32-32 विद्यालयों का विलय बुढ़मू व तमाड़ प्रखंड में किया गया था. जबकि सबसे कम दो विद्यालय इटकी प्रखंड में बंद किया गया था.
सभी प्रखंड के सीओ को लिखा गया था पत्र
जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय द्वारा बंद किये गये विद्यालय भवन की भूमि को लेकर सभी प्रखंड के अंचलाधिकारी को पत्र लिखा गया था. अंचलाधिकारी वैसे विद्यालय जिसका विलय हो गया है, उसकी जमीन विद्यालय के नाम से करने को कहा गया था. इस संबंध में संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा जिला कार्यालय को कोई जानकारी नहीं दी गयी.
312 स्कूलों का किया गया था विलय, 110 विद्यालय भवन जेएसएलपीएस को दिये गये
रांची में सबसे अधिक 32-32 विद्यालयों का विलय बुढ़मू व तमाड़ प्रखंड में किया गया था
प्रखंडवार विलय किये गये विद्यालयों की संख्या
प्रखंड संख्या
अनगड़ा 05
बेड़ो 11
बुंडू 25
बुढ़मू 32
चान्हो 05
इटकी 02
कांके 21
खलारी 20
लापुंग 27
मांडर 09
नगड़ी 15
नामकुम 20
ओरमांझी 07
राहे 22
रांची सदर 20
रातू 08
सिल्ली 17
सोनाहातू 14
तमाड़ 32
ओरमांझी : विद्यालय भवन में मवेशी रख रहे ग्रामीण
ओरमांझी प्रखंड में कुल 20 विद्यालयों का विलय किया गया था. इनमें से एक है नव सृजित प्राथमिक विद्यालय गांगूटोला. वर्ष 2012 में खोले गये विद्यालय का राजकीय मध्य विद्यालय ओरमांझी बालक में विलय कर दिया गया. विलय के बाद लाखों की लागत से बना विद्यालय भवन बेकार हो गया. अब इसका उपयोग ग्रामीणों द्वारा मवेशियों को रखने में किया जा रहा है. विद्यालय को झारखंड महिला समाख्या सोसाइटी द्वारा गोद भी लिया गया था.
रातू : रखरखाव के अभाव में भवन हुए जर्जर, ग्रामीणों ने किया कब्जा
रातू : प्रखंड के आठ स्कूलों का अन्य स्कूल में विलय किया गया. स्कूल बंद होने के कारण रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर होता जा रहा है. उत्क्रमित मवि तिगरा में गांव के युवकों ने कब्जा कर लिया है.
स्कूल के एक कमरा में पुआल, चटाई पर बिछावन लगा कर रात में सोते हैं. वहीं, उप्रावि गरियाटोली में पारा शिक्षक ने कब्जा जमा रखा है. सभी कमरा में ताला लगा कर चाभी अपने पास रखे हैं. वह स्कूल के कमरा में दूसरे का सामान रखकर किराया लेता है. मुखिया जौनी पाहन ने बताया कि बंद स्कूल की चाभी प्रखंड में जमा करानी थी, पारा शिक्षक के पास कैसे है, इसकी जानकारी नहीं है. दूसरी आेर उप्रावि बेलांगी, उप्रावि उषामातू टिकराटोली, उप्रावि हेथा पतराटोली, राप्रावि उर्दू बानापीड़ी, उप्रावि जाड़ी का भवन बंद पड़ा है.
राजधानी में जिन विद्यालयों का विलय किया गया, उनमें एक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय चर्खा मंदिर है. इस विद्यालय का विलय राजकीयकृत म्यूनिसिपल कन्या प्राथमिक विद्यालय श्रद्धानंद रोड में किया गया. विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण विलय पहले ही किया गया था. पर विलय के बाद से इस विद्यालय की स्थिति की कोई जानकारी विभाग को नहीं है. विद्यालय के सामने कचरा का अंबार लगा है. वहीं, उर्दू प्राथमिक विद्यालय थड़पखना की स्थिति भी खराब हो गयी है. विद्यालय भवन जर्जर हो गये हैं. रांची सदर में कुल 20 विद्यालयों का विलय किया गया था.
बुढ़मू : विद्यालय भवन में ग्रामीण रखते हैं पुआल
बुढ़मू में सहेदा, छापर टोली, काठीवर, डोंगासरई, कुसुमटांड़, ओझासाड़म बस्ती, मुन्ना नवटोली, करंबा, हरिणलेटवा, कनाडिह पहाड़तरी, खैडार, हतनई, रांजी टोला, आरा, बरबगीचा चकमें, टोंगरी टोला चकमें, कंडेर, चौकीटांड़ और खुंटीटोला अकतान विद्यालय को नजदीक के विद्यालय में विलय किया गया है. विलय किये गये अधिकतर विद्यालयों की स्थिति खराब है. चारों तरफ झाड़ी उग आयी है. डोंगासरई विद्यालय में धान व छापर टोली में पुआल रखा हुआ है. सहेदा विद्यालय के तीन कमरों में तीन लोगों का कब्जा है.
मेसरा : बंद विद्यालय में मवेशी रखते हैं लोग
कांके प्रखंड में कुल 21 विद्यालयों का विलय किया गया था. विलय के बाद मर्ज करने के बाद खाली पड़े विद्यालयों में मवेशियों को तो रखा ही जाता है, रात में यह ताश खेलने का अड्डा बन जाता है.
जिन विद्यालयों का विलय किया गया उनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय बीआइटी मेसरा, नेवरी हिंदी, डुमरदगा, हेठ बगदा, पतराटोली उर्दू, ऊपर टोला मुस्लिम, बाढू बरवाटोली, चिरुआ, पतराटोली हिंदी, मुस्लिम टोला काटमकुली, फटिया टांड, करंज टोला, मदनपुर मुस्लिम टोला, मन्हा, नवा सोसो, रोल चेटर, गुटुटोली, बाहूदरी, नव प्राथमिक विद्यालय भेल गढ़ा, चुरीन गढ़ा, जमुआरी, एकम्बा शामिल हैं.
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