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मुख्यमंत्री के आदेश पर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख निलंबित

Updated at : 26 Jan 2020 2:31 AM (IST)
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मुख्यमंत्री के आदेश पर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख निलंबित

मनोज लाल, रांची : राज्य सरकार ने पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह को निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया गया है.साथ ही वर्ष 2016 से लेकर अब तक निष्पादित टेंडर की जांच करने का आदेश दिया […]

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मनोज लाल, रांची : राज्य सरकार ने पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह को निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया गया है.साथ ही वर्ष 2016 से लेकर अब तक निष्पादित टेंडर की जांच करने का आदेश दिया है. पथ निर्माण विभाग में योजनाअों के शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर), टेंडर निष्पादन की प्रक्रिया, 10 फीसदी से भी कम दर पर टेंडर फाइनल करने आदि मामलों में अनियमितता पायी गयी है.

प्रथम दृष्टि में यह पाया गया है कि एसओआर सहित अन्य दरों में भारी विषमताएं हुई हैं. एस्टिमेट में गड़बड़ी की संपुष्टि वित्त विभाग ने भी की है. मुख्यमंत्री के आदेश पर कई दिनों से पथ निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की जा रही थी.
इस दौरान यह पाया गया कि शेड्यूल ऑफ रेट में काफी गड़बड़ी है. ग्रामीण कार्य विभाग प्रति किमी ढुलाई पर 353 रुपये खर्च करता है, जबकि उसी काम के लिए पथ निर्माण विभाग करीब 1000 रुपये खर्च करता है. यह भी पाया गया कि ग्रामीण कार्य विभाग में जो काम 1200 रुपये में हो रहे हैं, वही काम पथ विभाग में 13 हजार रुपये में कराये जा रहे हैं.
यहां तक कि 30 फीसदी कम रेट पर भी टेंडर फाइनल किया गया है. इस पर देखा जा रहा है कि टेंडर इतने कम रेट पर कैसे निष्पादित हुए हैं. प्रथमदृष्टया इसे गड़बड़ी माना गया है. रेट में काफी विभिन्नता पाने पर इस मुद्दे को लेकर वित्त विभाग से भी राय ली गयी.
पथ विभाग व वित्त विभाग ने भी इस पर स्पष्ट किया है कि गड़बड़ियां हुई हैं. इसके बाद अभियंता प्रमुख से एसओआर की बाबत जवाब मांगा गया. उनके जवाब को सरकार ने संतोषजनक नहीं पाया. इसके बाद ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया.
विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जांच के लिए बनी सचिवों की कमेटी
एसओआर में गड़बड़ी सहित ढुलाई व काम के रेट में पायी गयीं विसंगतियां
गोड्डा के तत्कालीन इइ व वर्तमान इइ निलंबित, केस दर्ज करने का आदेश
पथ िनर्माण विभाग ने तीन साल में जल संसाधन विभाग से हुए टेंडर की जांच कराने के लिए सचिव को पत्र लिखा है
खर्च को लेकर ये गड़बड़ियां
ग्रामीण कार्य विभाग में जो काम 1200 रुपये में हो रहे हैं, वही काम 13 हजार रुपये में कराये जा रहे हैं
"353 के बदले प्रति किमी ढलाई पर खर्च हो रहे हैं "1000
30% कम रेट पर भी किया गया टेंडर फाइनल
एसओआर कमेटी के चेयरमैन पर सीएम ने उठाया सवाल
शेड्यूल अॉफ रेट (एसओआर) कमेटी के चेयरमैन खुद पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह थे. यह कहा गया कि सामान्य रूप में इसके चेयरमैन मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग के अभियंता प्रमुख होते हैं, क्योंकि वह टेंडर कमेटी में नहीं रहते हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने यह सवाल उठाया है कि आखिर एसअोआर कमेटी के चेयरमैन पद के लिए ऐसा क्यों किया गया?
गुमला बंद रहा असरदार, धारा 144 लागू
गुमला : लोहरदगा में पथराव व हिंसा के विरोध में विहिप, बजरंग दल व अन्य संगठनों द्वारा शनिवार को बुलाया गया गुमला बंद असरदार रहा. इस दौरान उपद्रवियों ने एक ट्रक व एक एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया. टावर चौक व थाना रोड के समीप सड़क जाम कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा.
वाहनों का परिचालन ठप रहा. गुमला से एक भी बसें नहीं चलीं. सभी दुकानें बंद रहीं. अप्रिय घटना को रोकने के लिए जगह-जगह पर पुलिस फोर्स तैनात थी. पुलिस ने कुछ इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया. बंद के दौरान शहर के भट्ठी तालाब के समीप सिपाही व युवक में बकझक हुई.
व्यवसाय प्रभावित : लोहरदगा की घटना को देखते हुए गुमला में धारा 144 लागू कर दी गयी है. इधर, बंद से गुमला जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ है. रांची जोन के डीआइजी एवी होमकर गुमला पहुंचे. शहर में गश्ती की. डीआइजी ने कहा कि गुमला जिला में बंद शांतिपूर्ण रहा.
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