नामकुम से अगवा ग्राम प्रधान 20 घंटे बाद दशम के जंगल से बरामद
Updated at : 05 Jan 2020 7:08 AM (IST)
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नामकुम (रांची) : नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातु पंचायत के सोगोद गांव से अगवा ग्राम प्रधान संदीप सुंडिल काे पुलिस ने 20 घंटे बाद दशम थाना क्षेत्र के हुसीरहातु जंगल से सकुशल बरामद कर लिया. शुक्रवार की रात अपराधियों ने उनका अपहरण किया था. अगवा संदीप के मोबाइल फोन को ट्रेस कर पुलिस ने जंगल […]
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नामकुम (रांची) : नामकुम थाना क्षेत्र के राजाउलातु पंचायत के सोगोद गांव से अगवा ग्राम प्रधान संदीप सुंडिल काे पुलिस ने 20 घंटे बाद दशम थाना क्षेत्र के हुसीरहातु जंगल से सकुशल बरामद कर लिया. शुक्रवार की रात अपराधियों ने उनका अपहरण किया था.
अगवा संदीप के मोबाइल फोन को ट्रेस कर पुलिस ने जंगल की घेराबंदी कर शनिवार को दिन के 3:30 बजे उन्हें बरामद किया. वहीं अपहरणकर्ता भागने में सफल रहे. अपराधी उनके परिजनों से 10 लाख की फिरौती मांग रहे थे. उन्होंने पंचायत के मुखिया को संदीप के फोन से ही कॉल किया था.
उक्त बातें शनिवार को एसएसपी अनीश गुप्ता ने नामकुम थाना में कही. वहीं ग्राम प्रधान संदीप ने उन्हें आपबीती बतायी. एसएसपी ने बताया कि ग्राम प्रधान के अपहरण की जानकारी मिलते ही टीम गठित की गयी. जांच के क्रम में पता चला कि ग्राम प्रधान को अपराधियों ने जंगल में छुपा कर रखा है. इसी सूचना के बाद पुलिस ने जंगल की घेराबंदी की. पुलिस की दबिश देख अपराधी संदीप को छोड़ कर भाग गये.
श्री गुप्ता ने कहा कि डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में एसएसबी, नामकुम व दशम फॉल थाना पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया था. एसएसपी ने अपहरण में नक्सलियों की संलिप्तता से इनकार किया है. श्री गुप्ता ने बताया कि अपहरण में शामिल लोगों के पास हथियार नहीं था. इससे प्रतीत होता है कि अपहरणकर्ता स्थानीय अपराधी होगें.
ग्राम प्रधान के मोबाइल से पैसे का डिमांड कर रहे थे अपराधी :
अभी तक की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि अपराधी ग्राम प्रधान के मोबाइल का इस्तेमाल फिरौती की राशि वसूलने के लिए कर रहे थे. इसके लिए पंचायत के मुखिया के नंबर पर अपराधी लगातार फोन कर रहे थे. मोबाइल फोन के जीपीएस से ही पता चला कि ग्राम प्रधान को अपराधी अगवा कर किधर ले गये हैं .
अपहरण के बाद आंखों पर पट्टी बांध घुमा रहे थे अपराधी
ग्राम प्रधान ने बताया कि अपहरण के बाद अपराधियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दिया था. इसके बाद रातभर उसे पैदल इधर-उधर घुमा कर जंगल में ले गये. उन्होंने मारपीट नहीं की. एक बार ब्रेड खाने के लिए दिया था. वे लोग कभी 50 लाख, तो कभी 40 लाख फिरौती की मांग कर रहे थे. हमने कहा कि इतना पैसा कहां से देंगे, तो 10 लाख फिरौती देने की मांग करने लगे.
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