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मंत्रालय ने झारखंड बिजली बोर्ड और तिलैया यूएमपीपी को आवंटित कोल ब्लॉक किया रद्द

Updated at : 02 Jan 2020 12:46 AM (IST)
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मंत्रालय ने झारखंड बिजली बोर्ड और तिलैया यूएमपीपी को आवंटित कोल ब्लॉक किया रद्द

रांची : केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने झारखंड में बिजली की दो परियोजनाओं के लिए आवंटित दो कोल ब्लॉक रद्द कर दिया है. एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद इन दोनों कोल ब्लॉक के परिचालन में कोई खास प्रगति नहीं हुई. इस कारण कोयला मंत्रालय ने यह आवंटन रद्द कर दिया है. एक […]

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रांची : केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने झारखंड में बिजली की दो परियोजनाओं के लिए आवंटित दो कोल ब्लॉक रद्द कर दिया है. एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद इन दोनों कोल ब्लॉक के परिचालन में कोई खास प्रगति नहीं हुई. इस कारण कोयला मंत्रालय ने यह आवंटन रद्द कर दिया है. एक कोल ब्लॉक झारखंड बिजली बोर्ड की एसपीवी कंपनी कर्णपुरा एनर्जी लिमिटेड के लिए और दूसरा कोल ब्लॉक तिलैया स्थित 4000 मेगावाट के अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (यूएमपीपी) के लिए था.

कोयला मंत्रालय ने कंपनी को लिखे पत्र में कहा कि मौर्या कोल ब्लॉक का आवंटन झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (अब जेयूवीएनएल) के एसपीवी कर्णपुरा एनर्जी लिमिटेड को 26 जून 2009 को आवंटित किया गया था. पर, 10 साल बाद भी इस कोल ब्लॉक के परिचालन की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है.
मंत्रालय ने कंपनी को दिसंबर 2013 और सितंबर और अक्तूबर 2019 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था. कंपनी ने नवंबर 2019 में मंत्रालय को भेजे अपने जवाब में कहा था कि जमीन व पानी की अनुपलब्धता और स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण कोल ब्लॉक के विकास में अड़चन आ रही है.
हालांकि, मंत्रालय ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं पाया. मंत्रालय ने कहा कि आवंटन पत्र के अनुसार, कोयला खनन परियोजना के विकास में संतोषजनक प्रगति नहीं होने और आवंटन की शर्तों के उल्लंघन समेत अन्य कारणों की वजह से ब्लॉक के खनन पट्टे को रद्द किया जा सकता है.
एक दशक बीत जाने के बावजूद चालू नहीं किये जा सके थे दोनों कोल ब्लॉक
मंत्रालय ने देरी को वजह बताते हुए दोनों कोल ब्लॉक का आवंटन कर दिया रद्द
तिलैया यूएमपीपी का केरेनडारी कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द
तिलैया में 4000 मेगावाट क्षमता के अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट के लिए 20 जुलाई 2007 को केरेनडारी बीएंडसी कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया था. यह कोल ब्लॉक झारखंड इंटीग्रेटेड पावर लिमिटेड को दिया गया था, जो तिलैया यूएमपीपी के लिए काम कर रही थी. बाद में इसे झारखंड ऊर्जा विकास निगम द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया. पर, लंबे समय तक कोल ब्लॉक से उत्खनन के कोई प्रयास नहीं किये गये.
इस कारण मंत्रालय ने 16 दिसंबर 2013, 23 सितंबर 2019 और 21 अक्तूबर 2019 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसका जवाब तक झारखंड इंटीग्रेटेड पावर लिमिटेड द्वारा नहीं दिया गया. मंत्रालय द्वारा लिखा गया है कि आवंटन के 12 वर्ष के बाद तक भी कोल ब्लॉक को अॉपरेशनल करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं है. इसके बाद मंत्रालय ने केरेनेडारी कोल ब्लॉक के आवंटन को रद्द कर दिया गया.
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