मेसरा : जवानों के साथ पूर्व सैनिकों के परिजनों की हुई धक्का-मुक्की
Updated at : 27 Nov 2019 9:45 AM (IST)
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रास्ता बंद किये जाने को लेकर हो रहा है विवाद मेसरा : मंगलवार को पूर्व सैनिकों के बच्चों को एक घंटे तक छावनी में रखने व उन्हें एक किलोमीटर पैदल चला कर गेट तक लाने से आक्रोशित पूर्व सैनिकों व महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं सेना के जवानों के साथ धक्का-मुक्की भी […]
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रास्ता बंद किये जाने को लेकर हो रहा है विवाद
मेसरा : मंगलवार को पूर्व सैनिकों के बच्चों को एक घंटे तक छावनी में रखने व उन्हें एक किलोमीटर पैदल चला कर गेट तक लाने से आक्रोशित पूर्व सैनिकों व महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं सेना के जवानों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. इसमें एक युवक का शर्ट फट गया, तो कुछ महिलाओं को चोट भी लगी. इसके बाद महिलाएं छावनी के अंदर जानेवाले गेट को खुलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगीं. बाद में सदर डीएसपी की पहल पर बुधवार को सेना के डिप्टी जीओसी के साथ पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्टेशन हेड क्वार्टर में बैठक करने का आश्वासन देने के बाद महिलाएं लौट गयीं.
जानकारी के अनुसार सुबह करीब आठ बजे रोड नहीं तो वोट नहीं नारे के साथ सैनिक कॉलोनी की महिलाएं कॉलोनी में जुटी थीं. इसी बीच कैंट स्थित केंद्रीय विद्यालय से उनके बच्चे 12 बजे छुट्टी होने के बाद भी नहीं आये, तो महिलाएं व पूर्व सैनिक गेट के पास पहुंचे. उन्होंने इस संबंध में सेना के संतरी से पूछा, तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला. दोपहर एक बजे बच्चे पैदल एक किलोमीटर दूरी तय कर गेट पर आये, तो महिलाएं आक्रोशित हो गयीं. डिप्टी जीओसी से इस संबंध में बात करने की मांग करने लगीं. इसी बीच सेना की एक कार बाहर के रास्ते से आकर जबरन भीड़ के बीच से पार होने लगी. इसमें सिविल ड्रेस में सवार सेना के अधिकारी से तू-तू, मैं-मैं होने लगी. इस बीच सेना के जवान भी पहुंच गये और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. इसके बाद महिलाएं कार को वहीं खड़ा करा कर सेना के अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़ गयीं. शाम पांच बजे तक कोई अधिकारी नहीं आया.
हालांकि मामले को देखते हुए सदर डीएसपी दीपक पांडेय, खेलगांव थाना प्रभारी मुक्ति नाथ सिंह व बीआइटी थाना प्रभारी बीरेंद्र कुमार पहुंचे. सेना के अधिकारियों व पूर्व सैनिकों के साथ बात की. महिलाओं से कहा कि कानून को हाथ में नहीं लें. यह रक्षा विभाग से जुड़ा मामला है. इसके बाद डिप्टी जीओसी के साथ बैठक के निर्णय पर लोग लौट गये.
वोट बहिष्कार का लिया निर्णय : रास्ता बंद करने के विरोध में सुगन व कादी टोला के बाद अब सैनिक कॉलोनी के लोगों ने भी चुनाव में वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. इसके बाद चुनाव प्रचार के लिए आये कांके विधानसभा क्षेत्र के एक प्रत्याशी को भी वापस भेज दिया.
रांची़ पूर्व सैनिकों ने मामले की जानकारी सांसद संजय सेठ को दी, तो उन्होंने इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व झारखंड के मुख्य सचिव से बात की. श्री सेठ ने रक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में आर्मी एरिया के पीछे बस्ती गाड़ीगांव, सदर, कुटिया, तूपहन टोली नामकुम, डुमरदगा, गोसनर कंपाउंड के लोगों के लिए एक ही रास्ता होने से होनेवाली परेशानियों का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र कांके विधानसभा के डुमरदगा पंचायत में लगभग 15 से 20 हजार लोग रहते हैं. यह दीपाटोली आर्मी कैंप के पीछे है.
उस बस्ती के लोगों के आने-जाने का एकमात्र रास्ता आर्मी कैंप के बीच से होकर जाता है. सुरक्षा की दृष्टि से कुछ दिनों के अंतराल पर रास्ता बंद कर दिया जाता है. जिससे गांव के लोगों को परेशानी होती है. खासकर बच्चों को स्कूल जाने व गांव के लोगों को मजदूरी के लिए जाने में काफी कठिनाई होती है. लिहाजा, बस्ती के लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यथाशीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में समुचित कार्रवाई करने का कष्ट करें.
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