रांची : पथरोड काली मंदिर के संचालन के लिए क्यों नहीं समिति बनायी जाये : हाइकोर्ट
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची : हाइकोर्ट में देवघर के मधुपुर के प्राचीन पथरोड काली मंदिर के संचालन व जमीन की बिक्री को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई.एक्टिंग चीफ जस्टिस हरीशचंद्र मिश्र व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने पूछा कि काली मंदिर के […]
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रांची : हाइकोर्ट में देवघर के मधुपुर के प्राचीन पथरोड काली मंदिर के संचालन व जमीन की बिक्री को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई.एक्टिंग चीफ जस्टिस हरीशचंद्र मिश्र व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने पूछा कि काली मंदिर के संचालन के लिए क्यों नहीं समिति बनायी जाये. साथ ही खंडपीठ ने झारखंड राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड को नोटिस जारी किया. अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद होगी.
प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता निरंजन कुमार ने बताया कि पथरोड काली मंदिर देवघर जिला के मधुपुर के कराैं थाना के अंतर्गत स्थित है. मंदिर 16वीं शताब्दी की है. इसका जिक्र संयुक्त बिहार के धार्मिक न्यास बोर्ड की उस सूची में शामिल है, जिसमें बाबा बैद्यनाथ मंदिर का नाम शामिल है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर के संचालन के लिए हाइकोर्ट के आदेश से बोर्ड का गठन किया गया, उसी प्रकार काली मंदिर के संचालन के लिए समिति बनायी जाये.
मंदिर में प्रति वर्ष करोड़ों का दान आता है. पथरोड घटवाल के काली प्रसाद सिंह मंदिर का संचालन मनमाने तरीके से करते हैं. मंदिर की जमीन के अलावा पास में पांच एकड़ सरकारी जमीन है. माफिया तत्व उसकी बिक्री कर रहे हैं. अधिवक्ता निरंजन कुमार ने मंदिर की संपत्ति बचाने का भी आग्रह किया.
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