बोयदा पाहन दस्ते के नक्सलियों ने झाड़ियों में छिप जवानों पर की फायरिंग, दो जवान शहीद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Oct 2019 7:24 AM

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रांची/नामकुम : झारखंड जगुआर (एसटीएफ) और प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों के बोयदा पाहन दस्ता के बीच मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गये. घटना शुक्रवार सुबह 4:30 बजे की है. नामकुम थाना क्षेत्र की हुआंगहातु पंचायत के डोकापीढ़ी में हुई मुठभेड़ में एसटीएफ एसॉल्ट ग्रुप के जवान खंजन कुमार महतो (25 वर्ष) की मौके पर […]

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रांची/नामकुम : झारखंड जगुआर (एसटीएफ) और प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों के बोयदा पाहन दस्ता के बीच मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गये.
घटना शुक्रवार सुबह 4:30 बजे की है. नामकुम थाना क्षेत्र की हुआंगहातु पंचायत के डोकापीढ़ी में हुई मुठभेड़ में एसटीएफ एसॉल्ट ग्रुप के जवान खंजन कुमार महतो (25 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि घायल जवान अखिलेश राम (27 वर्ष) ने रांची के मेडिका अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. खंजन कुमार महतो रांची के राहे प्रखंड के चैनपुर गांव और अखिलेश राम पलामू के लेस्लीगंज थाना के कुंदी गांव के निवासी थे. इधर, घटना के बाद से ही एसटीएफ के दो एसॉल्ट ग्रुप लगातार सर्च अभियान में लगे हुए हैं. सीआरपीएफ की टीम भी नक्सलियों की तलाश में जुटी है.
झाड़ियों में छिपे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी : खूंटी-नामकुम सीमा क्षेत्र में डोकापीढ़ी से हेसोपीढ़ी तक 10-12 नक्सलियों के मूवमेंट की सूचना पुलिस को मिली थी. इस आधार पर झारखंड जगुआर और दशम फॉल थाने के करीब तीन दर्जन जवान सर्च अभियान पर निकले. शुक्रवार सुबह में जवान बस से निकले और डोकापीढ़ी से कुछ पहले ही उतर गये. वहां से पैदल ही आगे बढ़े. डोकापीढ़ी मोड़ के समीप पहुंच कर जवान सड़क पर बैठ नक्सलियों के वहां से गुजरने का इंतजार करने लगे.
तभी कच्चे रास्ते से एक व्यक्ति टॉर्च लेकर आता दिखा. दो जवान अखिलेश और खंजर उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े. इसी दौरान पहले से ही झाड़ियों में छिपे नक्सलियों ने दोनों जवानों पर फायरिंग कर दी. फायरिंग की आवाज सुनते ही अन्य जवानों ने मोर्चा संभाला और नक्सलियों पर जवाबी फायरिंग की.
हालांकि अंधेरे का फायदा उठा कर नक्सली दशम फॉल की ओर भाग निकले.घटना के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सुबह साढ़े चार बजे छह-सात राउंड फायरिंग की आवाज सुनी थी. वहीं, मुठभेड़ की सूचना मिलने पर मौके पर डीआइजी एवी होमकर, एसएसपी अनीश गुप्ता, ग्रामीण एसपी ऋषभ झा, एएसपी मुख्यालय प्रथम अमित रेणु व विशेष शाखा के डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे और घटना की जानकारी ली. इसके बाद सभी दशम फॉल थाना भी गये. वहां अभियान में जुटे पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिये.
गोली लगने से घायल जवानों को मौके पर दी गयी थी सूई : डोकापीढ़ी में दोनों जवानों को जांघ और कंधे में गोली लगी थी. शरीर से ब्लड काफी तेजी से निकलने लगा था. तत्काल साथी जवानों ने दोनों को क्विक क्लॉट सूई दी, ताकि खून के बहाव को रोका जा सके. इसके बाद दोनों जवानों को लेकर अन्य जवान मेडिका अस्पताल, रांची के लिए निकले.
शहीदों के आश्रित को क्या मिलेगा : नक्सल अभियान में शहीद जवान के आश्रित को 25 लाख रुपये और अनुकंपा पर सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है. इसके अलावा जवान की बची सर्विस अवधि की वेतन राशि और अन्य सुविधाएं आश्रित को दी जायेगी.यह नक्सलियों की कायराना कार्रवाई है. शहीदों के आश्रितों का सरकार पूरा ख्याल रखेगी. उन्हें पूरी सहायता मुहैया करायी जायेगी.
डीके तिवारी, मुख्य सचिव
एसटीएफ मुख्यालय में दी गयी श्रद्धांजलि
पोस्टमार्टम के बाद शहीद जवानों के शव को एसटीएफ मुख्यालय ले जाया गया. जहां मुख्य सचिव डीके तिवारी, डीजीपी केएन चौबे, डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू, एडीजी अभियान मुरारी लाल मीणा, एसटीएफ डीआइजी साकेत कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके बाद जवानों के शव को उनके पैतृक घर भेजा गया.
4:30 बजे शुक्रवार की सुबह घटना को अंजाम देकर दशम फॉल की ओर भागे नक्सली
हम राज्य से नक्सलवाद को जड़ से खात्मा करेंगे. राज्य की पुलिस संकल्प ले कि नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देकर शहीदों का सपना साकार करेगी.
केएन चौबे, डीजीपी
नक्सलियों के प्रति नरमी नहीं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घटना पर शोक जताया है. उन्होंने डीजीपी कमल नयन चौबे से पूरी घटना की जानकारी ली. कहा कि नक्सली झारखंड में आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं. सरकार नक्सलियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी. जवानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी. सरकार शहीद जवानों के परिजनों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी.
कहां है डोकापीढ़ी
नक्सलियों के कुंदन पाहन दस्ता ने 06 अक्तूबर 2009 को स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार का अड़की से अपहरण कर हत्या कर दी थी.
दो दिनों बाद इंस्पेक्टर इंदवार का शव रांची-टाटा रोड में रायसा मोड़ पर मिला था. इसी मोड़ से होकर जानेवाले रास्ते में करीब छह किमी की दूरी पर डोकापीढ़ी है. यह नामकुम थाना क्षेत्र में आता है. यहीं पर मुठभेड़ हुई. यहां से कुछ दूरी पर दशम फॉल थाना क्षेत्र से सटा खूंटी जिले का क्षेत्र शुरू होता है. घटनास्थल तक पक्की सड़क बनी हुई है.
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