भाजपा नेता और व्यवसायी की हत्या की थी योजना, आज सुबह नौ बजे देते घटना को अंजाम, इससे पहले पुलिस ने शूटरों को पकड़ा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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ओएलएक्स से बाइक व स्कूटी खरीद कर घटना को अंजाम देते फिर ओएलएक्स पर ही बेच देते शूटर
रांची : भाजपा नेता सह बिल्डर रमेश सिंह और व्यवसायी अविनाश झा की हत्या की योजना जमशेदपुर जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने बनायी थी. अविनाश की हत्या बुधवार की सुबह नौ बजे जिम जाने के दौरान की जानी थी, लेकिन सीआइडी और पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों की योजना विफल हो गयी.
पुलिस ने घटना को अंजाम देने से पहले योजना बनाने में शामिल होने के संदेह में पलामू से सुजीत सिन्हा के शूटर हरि तिवारी, कांके से बबलू खान और डोरंडा से इमरान को पकड़ा है. इसमें सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े कुछ अन्य अपराधियों के नाम सामने आये हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है.
सुजीत सिन्हा पर दर्ज हैं 51 केस : उल्लेखनीय है कि सुजीत सिन्हा के खिलाफ आर्म्स एक्ट, रंगदारी और हत्या सहित 51 केस दर्ज है. उसके गिरोह में कई अपराधी शामिल हैं. गिरोह के कुछ अपराधी वर्तमान में फरार हैं और सक्रिय हैं. इसके अलावा कुछ अपराधी जमानत पर हैं. जिसके जरिये सुजीत जेल के अंदर से ही गिरोह का संचालन कर रहा है. वह पूर्व में भी जेल में रहते हुए घटनाओं को अंजाम देने के लिए योजना बना चुका है.
जमशेदपुर के केंद्रीय कारा में बंद अपराधी सुजीत सिन्हा ने बनायी थी योजना, पकड़े गये तीन अपराधी
कौन हैं रमेश सिंह और अविनाश झा
जानकारी के अनुसार, रमेश सिंह रांची महानगर भाजपा के कोषाध्यक्ष और पेशे से बिल्डर हैं. वहीं दूसरी कांके रोड निवासी अविनाश झा पेशे से माइनिंग कारोबार से जुड़े हैं. रमेश सिंह को सुजीत सिन्हा के नाम पर फोन पर जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी मांगी गयी थी. लेकिन रमेश सिंह ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था.
इसलिए सुजीत सिन्हा ने उनकी हत्या की योजना तैयार की थी. वहीं, दूसरी ओर अविनाश झा से भी सुजीत सिन्हा ने नाम पर फोन कर रंगदारी मांगी गयी थी. रंगदारी नहीं देने पर उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गयी थी. अविनाश की हत्या के लिए अपराधियों ने रेकी भी की थी. वह रोजाना नौ बजे जिम जाते हैं. इसी दौरान बुधवार को उनकी हत्या की जानी थी.
रामगढ़ से बुलाये गये थे चार- पांच शूटर
हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए रामगढ़ से चार- पांच शूटर भी सुजीत सिन्हा के निर्देश पर बुलाये गये थे. अपराधियों की योजना थी कि वे घटना को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन ओएलएक्स से बाइक और स्कूटी खरीदते.
फिर घटना को अंजाम देने के बाद बाइक और स्कूटी को ओएलएक्स पर ही बेच देते. जब इस बात की सूचना सीआइडी मुख्यालय के अधिकारियों को मिली, तब मामले को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया. मामले में कार्रवाई के लिए सीआइडी ने एसएसपी अनीश गुप्ता को जिम्मेवारी सौंपी. एसएसपी ने कार्रवाई के लिए स्पेशल टीम का गठन किया. इसके बाद मामले में तीन संदिग्ध पकड़े गये. इस तरह अपराधियों की योजना सफल नहीं हो पायी.
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