ई-लॉबी की ज्यादातर मशीनें खराब, एक छत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Aug 2019 8:07 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : बैंकों ने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से हाल के कुछ दिनों में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. ई-लॉबी इसका बेहतरीन उदाहरण है. लेकिन देखरेख के अभाव में ये ई-लॉबी नाकाम साबित हो रहे हैं. इधर, लगातार तीन दिन (शनिवार, रविवार और सोमवार) तक बैंक बंद रहे. ऐसे में […]
विज्ञापन
रांची : बैंकों ने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के उद्देश्य से हाल के कुछ दिनों में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. ई-लॉबी इसका बेहतरीन उदाहरण है. लेकिन देखरेख के अभाव में ये ई-लॉबी नाकाम साबित हो रहे हैं.
इधर, लगातार तीन दिन (शनिवार, रविवार और सोमवार) तक बैंक बंद रहे. ऐसे में लोगों ने बैंकिंग सिस्टम के विकल्प के तौर पर ई-लॉबी का उपयोग करना चाहा, लेकिन राजधानी में स्थापित किये गये लगभग सभी ई-लॉबी विफल रहे. प्रभात खबर की पड़ताल में भी ग्राहकों की शिकायतें सही पायी गयीं.
बैंकों की ओर से ई-लॉबी में एक ही छत के नीचे कैश डिपॉजिट, कैश विदड्रॉल, चेक डिपॉजिट और पास बुक प्रिंटिंग की सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जाता है. लेकिन प्रभात खबर की पड़ताल में शायद ही किसी ई-लॉबी एक छत के नीचे ये सभी सुविधाएं ग्राहकों को उपलब्ध हो रही हैं. ई-लॉबी के अंदर ज्यादातर मशीनें खराब हैं, जबकि इसके मेंटेनेंस के लिए आउटसोर्स कंपनियों को लाखों रुपये का भुगतान किया जाता है.
कचहरी चौक स्थित एसबीआइ की मुख्य शाखा में तो तीनों मशीन कैश डिपॉजिट, एटीएम और पासबुक प्रिंटिंग मशीन ही बंद मिलीं. एटीएम में दोपहर करीब 12 बजे के बाद पैसे डाले गये. लालपुर ई-लॉबी की मशीन तो पिछले दस दिन से खराब है. यहां एक एटीएम से पैसे निकल रहे थे, लेकिन यहां भी लिंक जाने के चलते कैश नहीं निकलने में परेशानी हुई.
सुनिये ग्राहकों की परेशानी
कैश डिपॉजिट मशीन से कोई व्यक्ति जिस अकाउंट में चाहे, उस अकाउंट में पैसे जमा कर सकता है. यह सुविधा बैंकों के अंदर छुट्टी रहने पर बड़ी राहत देने जैसी है. लेकिन ई-लॉबी में यह सुविधा महज नाम मात्र की है.
अविनाश कुमार
मशीनों की सर्विस की जिम्मेदारी बैंकों ने निजी एजेंसी को दे दी है, लेकिन बिना शिकायत के समस्या दूर नहीं हो रही है. बैंक बंद रहने या त्योहारों में एटीएम में कैश की शार्टेज तय है, बैंकों को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए.
सौरभ
ई-लॉबी के होने के बाद भी लोगों को इसका फायदा नहीं मिला पा रहा है. मजबूरन बैंकों में लाइन लगाकर खाते से रुपये निकालने, जमा करने पर पासबुक प्रिटिंग के लिए मैनुअल तरीके का सहारा लेना पड़ रहा है.
संदीप
बाहर से खूबसूरत दिखने वाले एसबीआइ की लॉबी की स्थिति खराब है. कैश डिपॉजिट मशीनों से जमा होनेवाले कैश नहीं निकाले जाते, जिससे बाॅक्स भर जाता और डिपाॅजिट नहीं हो पाता.
लखन सिंह
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




