रांची : वरीयता सूची मामले में हाइकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा
Updated at : 09 Aug 2019 9:27 AM (IST)
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रांची : हाइकोर्ट के जज डॉ एसएन पाठक की अदालत में गुरुवार को आरक्षी वरीयता सूची अलग करने व प्रोन्नति नहीं देने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया. अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी. प्रार्थी […]
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रांची : हाइकोर्ट के जज डॉ एसएन पाठक की अदालत में गुरुवार को आरक्षी वरीयता सूची अलग करने व प्रोन्नति नहीं देने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया. अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी. प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन ने बताया कि वर्ष 2017 में महिला-पुरुष आरक्षियों की वरीयता सूची अलग कर देने के कारण जैप-10 की महिला आरक्षी प्रोन्नति से वंचित हो रही हैं.
वर्ष 2004-2005 में नियुक्त लगभग 500 से अधिक महिला आरक्षियों की प्रोन्नति वरीयता सूची अलग होने से प्रभावित है. लगभग 14 साल सेवा पूरी होने के बाद भी एक भी प्रोन्नति नहीं मिली है, जबकि 2006 में नियुक्त पुरुष आरक्षियों में से दर्जनों हवलदार बन चुके हैं. ऐसा वरीयता सूची अलग करने के कारण हुई है.
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