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रांची के स्कूलों का प्रबंधन हुआ गंभीर, विद्यार्थियों के अभिभावकों से कहा -शपथ पत्र दें कि बच्चा वाहन नहीं चलायेगा

Updated at : 31 Jul 2019 8:33 AM (IST)
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रांची के स्कूलों का प्रबंधन हुआ गंभीर, विद्यार्थियों के अभिभावकों से कहा -शपथ पत्र दें कि बच्चा वाहन नहीं चलायेगा

प्राचार्याें ने कहा-निश्चित जगह तक ही प्रबंधन कर सकता है कार्रवाई अभिभावकों ने कहा – समुचित वाहन की व्यवस्था नहीं करता है स्कूल प्रबंधन रांची : परिवहन और साक्षरता विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के बाद शहर के अधिकांश स्कूलों के प्रबंधन ने गंभीर रुख अपना लिया है. अभिभावकों को एसएमएस व फोन से […]

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प्राचार्याें ने कहा-निश्चित जगह तक ही प्रबंधन कर सकता है कार्रवाई
अभिभावकों ने कहा – समुचित वाहन की व्यवस्था नहीं करता है स्कूल प्रबंधन
रांची : परिवहन और साक्षरता विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के बाद शहर के अधिकांश स्कूलों के प्रबंधन ने गंभीर रुख अपना लिया है. अभिभावकों को एसएमएस व फोन से सूचना देकर शपथ पत्र देने को कहा जा रहा है, वहीं कई स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित की जा रही है. लेकिन इसके साथ ही अभिभावक भी स्कूल की बस व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं.
उनका स्पष्ट कहना है कि स्कूलों के द्वारा फीस तो पूरी ली जाती है, लेकिन बस सर्विस सही तरीके से उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. ऐसे में आम अभिभावक क्या करे और अपने बच्चे को स्कूल कैसे भेजे. वहीं स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य जांच व कार्रवाई की सीमा को लेकर अपनी मजबूरी बताते हैं. राजधानी के निजी स्कूल संचालक और प्राचार्यों ने बताया कि अभिभावकों को एसएमएस से सूचना दी गयी है.
प्राचार्यों ने कहा – स्कूल निश्चित दायरे में ही कर सकता है जांच
8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों को एसएमएस से सूचना दी गयी है. पीटीएम में भी उन्हें बताया जाता है. स्कूल प्रबंधन एक निश्चित दायरे में ही जांच कर सकता है. अभिभावकों को सुनिश्चित करना है कि वह बच्चे को कैसे स्कूल भेज रहे हैं.
डॉ राम सिंह, प्राचार्य दिल्ली पब्लिक स्कूल
एडमिशन के समय ही अभिभावकों से शपथपत्र लिया जाता है कि वह बच्चों को मोटरसाइकिल या स्कूटी से नहीं भेंजे. मेकन कॉलोनी में गार्ड को निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे बच्चों को कॉलोनी में प्रवेश करने नहीं दें. अभिभावक जिम्मेदारी तय करें.
समरजीत जाना, प्राचार्य, जेवीएम श्यामली
अभिभावकों से कहा गया कि अपने बच्चों को स्कूल आने के लिए मोटरसाइकिल या स्कूटी नहीं दें. विभाग के आदेश के बाद अब अभिभावकों से शपथपत्र लिया जायेगा. अभिभावकों को सूचना दी जा रही है. पीटीएम में शपथपत्र लिया जायेगा.
जेकब सीजे, प्राचार्य केराली स्कूल
पूर्व में ही अभिभावकों को इसकी जानकारी दी गयी है. कहीं विद्यार्थी को मोटरसाइकिल या स्कूटी चलाते देखा जाता है तो उसे रोक कर समझाया जाता है. अभिभावकों को शपथपत्र देने के लिए एसएमएस किया जा रहा है.
गार्गी मंजू, प्राचार्या, टेंडर हर्ट स्कूल
9वीं से 12वीं तक के विद्याथियों के अभिभावकों को नोटिस भेजा गया है. बच्चे कई और जगह अपना वाहन लगाकर पैदल स्कूल आते हैं तो स्कूल इसमें क्या कर सकता है. इस पर ट्रैफिक पुलिस व अभिभावक को निगरानी रखनी होगी. पीटीएम में अभिभावक से शपथपत्र लिया जायेगा.
डॉ मनोहर लाल, प्राचार्य गुरुनानक स्कूल
स्कूल प्रबंधन बस की व्यवस्था करे : अभिभावक
अभिभावक भानू प्रताप नाथ शाहदेव ने कहा कि स्कूलों द्वारा बस की समुचित व्यवस्था नहीं की जाती है. जिला प्रशासन द्वारा छात्रों के स्कूल आने-जाने पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाये गये हैं. ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल कैसे भेंजे. इस समस्या का निराकरण भी प्रशासन व स्कूल प्रबंधन को करना चाहिए.
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