रांची : मत्स्यजीवी परिवार मत्स्य पालन के अधिकार से न हों वंचित : केवट
Updated at : 30 Jul 2019 5:48 AM (IST)
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मत्स्यजीवी समुदाय ने मार्च निकाला, धरना दिया, तालाबों की खुली डाक से बंदोबस्ती कराने का विरोध रांची : मत्स्य विभाग द्वारा तालाबों की नगर निगम के माध्यम से खुली डाक से बंदोबस्ती कराकर हजारों मत्स्यजीवी परिवारों को मत्स्य पालन अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसोसिएशन ऑफ फिशरीज सोसाइटीज ने राजभवन […]
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मत्स्यजीवी समुदाय ने मार्च निकाला, धरना दिया, तालाबों की खुली डाक से बंदोबस्ती कराने का विरोध
रांची : मत्स्य विभाग द्वारा तालाबों की नगर निगम के माध्यम से खुली डाक से बंदोबस्ती कराकर हजारों मत्स्यजीवी परिवारों को मत्स्य पालन अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसोसिएशन ऑफ फिशरीज सोसाइटीज ने राजभवन के समक्ष धरना दिया.
साथ ही मत्स्यजीवी समुदाय (केवट, निषाद, मल्लाह, साहनी, धीवर जाति) को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की. इससे पूर्व जाल, खोचर, मछली जैसी परंपरागत पहचान के साथ मोरहाबादी मैदान स्थित महात्मा गांधी के प्रतिमा स्थल से रैली निकाली गयी़
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष चरण केवट ने कहा कि सरकार मत्स्यजीवी श्रमिकों के कल्याण की बजाय जल संसाधन और तालाबों को नगर निगम को सौंपकर कमाई करने में जुटी है़ ऐसी सरकार को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे़ इस अवसर पर राजभवन के समक्ष नियुक्त दंडाधिकारी को मांग पत्र देकर सरकार को दो महीना का अल्टीमेटम दिया गया और कहा गया कि यदि उनकी 22 सूृत्री मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे़
श्रमिक नेता भुवनेश्वर केवट ने कहा कि मत्स्य पालन व बिक्री का अधिकार निजी बड़ी कंपनियों को देकर मत्स्यजीवी समाज के परंपरागत अधिकारों को छीना जा रहा है़
झारखंड निषाद समाज के नेता कैप्टन बद्री प्रसाद चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने भगवान राम का नैया पार लगानेवाले मछुआरों से गद्दारी की है़ जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं िकया जायेगा. सभा को संजय साहनी, किशोरी केवट, गणेश निषाद, गौर केवट, शिवलाल केवट, संजय मल्लाह, विनोद केवट, किशोर मल्लाह, नंदलाल केवट और श्यामलाल चौधरी ने भी संबोधित किया़
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