चान्हो : मनरेगा मद से पूरा पैसा नहीं मिलने पर रिश्तेदारों से डेढ़ लाख रुपये कर्ज लेकर कुआं का निर्माण करानेवाले किसान लखन महतो (40 वर्ष) ने उसी कुएं में कूद कर जान दे दी. घटना रांची जिले के चान्हो प्रखंड के पतरातू गांव की है. शनिवार सुबह लखन महतो का शव बरामद किया गया.लखन महतो एक दिन पूर्व शुक्रवार सुबह किसी को बिना कुछ बताये बगैर घर से निकले थे. रात को जब घर नहीं लौटे, तो शनिवार को उनकी तलाश की जाने लगी. इसी दौरान कुछ लोगों ने घर से थोड़ी दूर पर बने कुआं में झांका, जहां खैनी का डिब्बा तैरता हुआ दिखा. इसके बाद कुआं में झगड़ डाला गया, तो उसमें लखन का शव फंस गया.
घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे चान्हो बीडीओ संतोष कुमार ने कहा कि लखन महतो की मौत का मामला किसी भी प्रकार से मनरेगा से जुड़ा हुआ नहीं है. उसकी मौत दुर्घटनावश हुई है. वहीं, आइटीडीपी के निदेशक अवधेश पांडे भी चान्हो पहुंचे. उन्होंने प्रखंड कार्यालय से मनरेगा से लखन महतो के कूप निर्माण का डाटा चेक कराया. इसके बाद कहा कि लखन के कूप निर्माण के मद में करीब डेढ़ लाख रुपये का बकाया है. लेकिन लखन महतो की मौत किस कारण से हुई, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा. निदेशक पतरातू भी गये, जहां ग्रामीणों ने विरोध किया.
उधर, चान्हो थाना में लखन महतो के पुत्र सूरज कुमार (17) के बयान पर अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया गया है. सूरज के अलावा लखन महतो के दो और पुत्र हैं. नीरज कुमार (14) व प्रवीण कुमार (12), दोनों सरस्वती शिशु स्कूल में पढ़ते हैं. वहीं, परिवार में लखन महतो की मां गुंजरी देवी (80 साल) भी हैं.
कुआं बन जाने के बाद भी नहीं मिली राशि, पति ने तनाव में की आत्महत्या : विमला देवी
लखन महतो की पत्नी विमला देवी का कहना है कि पति ने मनरेगा से मिले सिंचाई कूप के निर्माण के लिए अपने रिश्तेदारों से करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था. कुआं का निर्माण पूरा हो जाने के बाद भी प्रखंड से बकाया राशि का भुगतान नहीं हो रहा था. वहीं, कर्ज नहीं चुका पाने के कारण वह बेहद तनाव में थे.
इसी कारण उन्होंने कुएं में कूद कर अपनी जान दे दी. पत्नी के अनुसार, बकाया राशि के भुगतान को लेकर पति चान्हो प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाते रहते थे. उनसे बार-बार कहा जाता था कि मार्च 2019 तक बकाया राशि का भुगतान हो जायेगा, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली है.
वर्ष 2017-18 में कूप निर्माण की मिली थी स्वीकृति
लखन महतो को वर्ष 2017-18 में चान्हो प्रखंड के मनरेगा मद से सिंचाई कूप के निर्माण की स्वीकृति मिली थी. मनरेगा कूप (योजना संख्या 7080901221509) की प्राक्कलित राशि तीन लाख 54 हजार रुपये है. लखन ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर कुआं का निर्माण कार्य पूरा कराया था.
वहीं, प्रखंड से अब तक लखन महतो को मजदूरी मद में एक लाख 41 हजार 792 और सामग्री मद में 59 हजार 679 रुपये ( कुल दो लाख 471 रुपये) का भुगतान हो चुका है. मनरेगा के रिकाॅर्ड के अनुसार, कुआं के निर्माण मद में अब भी डेढ़ लाख रुपये बकाया है.
लखन महतो नशापान का आदी था : जिला प्रशासन
उपायुक्त ने दो सदस्यीय जांच दल गठित कर चान्हो भेजा था. जांच टीम ने मृतक के परिजनों से पूछताछ की. लखन महतो नशापान करता था. उसने आत्महत्या नहीं की है. अवधेश पांडेय, निदेशक, आइटीडीए