पद सृजित, पर विद्यालय संचालन पर फैसला नहीं
Author Prabhat khabar digital desk
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राज्य के मूक-बधिर व नेत्रहीन विद्यालय का हाल एनजीअो की ओर से संचालित विद्यालयों में हो रही गड़बड़ी विभाग को सभी विद्यालयों का खुद करना हैं संचालन रांची : राज्य के सभी आठ मूक-बधिर विद्यालय तथा सात नेत्रहीन विद्यालय का संचालन समाज कल्याण विभाग को करना है, लेकिन करीब साल भर बाद भी यह काम […]
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- राज्य के मूक-बधिर व नेत्रहीन विद्यालय का हाल
- एनजीअो की ओर से संचालित विद्यालयों में हो रही गड़बड़ी
- विभाग को सभी विद्यालयों का खुद करना हैं संचालन
रांची : राज्य के सभी आठ मूक-बधिर विद्यालय तथा सात नेत्रहीन विद्यालय का संचालन समाज कल्याण विभाग को करना है, लेकिन करीब साल भर बाद भी यह काम शुरू नहीं हुआ है. यही नहीं, सभी विद्यालयों के लिए विशेष शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों सहित प्रधानाध्यापक की संविदा व बाह्य स्रोत से नियुक्ति के लिए कुल 56 पद भी पांच माह पहले ही सृजित कर लिये गये हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर स्कूल संचालन की पहल अब तक नहीं की गयी है.
ज्ञात हो कि अभी इन विद्यालयों का संचालन कर रही गैर सरकारी संस्थाओं के संबंध में गड़बड़ी की शिकायत मिलती रही है. इसी आलोक में विद्यालयों का संचालन विभाग द्वारा ही करने का सैद्धांतिक निर्णय समाज कल्याण विभाग ने लिया था.
इससे पहले राज्य नि:शक्तता आयुक्त सतीश चंद्र ने 20 अक्तूबर 2017 को 10 जिलों के जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से उनके जिले में संचालित मूक-बधिर व नेत्रहीन विद्यालयों संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. इसके बाद हजारीबाग, गुमला, प.सिंहभूम, देवघर, गिरिडीह, धनबाद व दुमका जिले से आयुक्त कार्यालय को मिली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि संबंधित विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति खराब है तथा छात्रावास में रह रहे बच्चों के खाने-पीने व रहने में भी परेशानी है.
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