रांची : शुद्ध ऑक्सीजन आपूर्ति के मानकों को पूरा नहीं करते अस्पताल व क्लिनिक, नोटिस की तैयारी

Updated at : 01 May 2019 9:33 AM (IST)
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रांची : शुद्ध ऑक्सीजन आपूर्ति के मानकों को पूरा नहीं करते अस्पताल व क्लिनिक, नोटिस की तैयारी

रांची : राजधानी के अस्पताल व क्लिनिक शुद्ध ऑक्सीजन आपूर्ति करने के गाइड लाइन का सही तरीके से पालन नहीं करते हैं. राज्य औषधि निदेशालय की ओर से जब राजधानी के अस्पतालों व क्लिनिक की जांच करायी गयी, तो गड़बड़ी का मामला सामने आया है. दो साल पूर्व भी जब राज्य औषधि निदेशालय अस्पताल व […]

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रांची : राजधानी के अस्पताल व क्लिनिक शुद्ध ऑक्सीजन आपूर्ति करने के गाइड लाइन का सही तरीके से पालन नहीं करते हैं. राज्य औषधि निदेशालय की ओर से जब राजधानी के अस्पतालों व क्लिनिक की जांच करायी गयी, तो गड़बड़ी का मामला सामने आया है.
दो साल पूर्व भी जब राज्य औषधि निदेशालय अस्पताल व क्लिनिक की जांच करायी थी तो भी शहर के कई अस्पताल मानकों का उल्लंघन करते हुए पाये गये थे. इस पर निदेशालय ने स्पष्टीकरण मांगा था और चेतावनी देकर छोड़ दिया था. इसके अलावा गाइड लाइन भी तैयार किया था, जिसमें सभी अस्पताल व क्लिनिक को निर्देश जारी किया गया था.
दो दिन में जारी किया जायेगा नोटिस
गड़बड़ी पाये जाने के बाद अस्पताल व क्लिनिक को निदेशालय एक से दो दिन में ऐसे अस्पतालों से नोटिस जारी कर उनका पक्ष लेगा. अगर अस्पताल व क्लिनिक अपना पक्ष सही से नहीं रखते हैं, तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. गौरतलब है कि निदेशालय ने प्रभात खबर के प्रकाशित खबर के आधार पर जांच टीम का गठन किया था. जांच के दौरान टीम ने पाया था कि अस्पतालों में ऑक्सीजन देने के मामले में गड़बड़ी बरती जाती है.
यह है नियम : पीएसए ऑक्सीजन जेनरेटर के इंपोर्ट से संबंधित सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन, भारत सरकार के पत्रांक संख्या 29 मार्च 2011-डीसी-146 में स्पष्ट किया गया है कि ऑक्सीजन का उपयोग इलाज के रूप में किया जायेगा. ऑक्सीजन का निर्माण ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धाराओं में शामिल है.
आैषधी एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा-3 बी के अनुसार मेडिकल ऑक्सीजन औषधि के अंतर्गत आता है, इसलिए इसके निर्माण, भंडारण, वितरण व विक्रय के लिए औषधि व प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के तहत निर्माण व विक्रय औषधि अनुज्ञप्ति आवश्यक है. मेडिकल ऑक्सीजन को जीवन रक्षक दवा है, इसलिए इसे नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंसियल मेडिसिन के तहत रखा गया है.
अस्पताल व क्लिनिक में ऑक्सीजन के मानकों की जांच के लिए टीम गठित की गयी थी. जांच रिपोर्ट मिल गयी है. कुछ अस्पताल व क्लिनिक मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं. उनको नोटिस जारी किया जायेगा. उनका पक्ष लेने के बाद कार्रवाई की जायेगी.
सुरेंद्र प्रसाद, संयुक्त निदेशक औषधि
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