रांची : आइएएस की ब्लैक मनी ह्वाइट करने में ठेकेदार की कागजी कंपनी का इस्तेमाल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Apr 2019 8:25 AM

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शकील अख्तर शैलजा अपार्टमेंट प्रोजेक्ट में फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया रांची : राज्य के तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार की काली कमाई को सही साबित करने के लिए मेसर्स रिया और मेसर्स एस्सार इंटरप्राइजेज का इस्तेमाल किया गया. दोनों ही कागजी कंपनियां प्रदीप कुमार के करीबी ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती की हैं. प्रवर्तन निदेशालय […]

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शकील अख्तर
शैलजा अपार्टमेंट प्रोजेक्ट में फर्जी तरीके से मुनाफा दिखाया
रांची : राज्य के तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार की काली कमाई को सही साबित करने के लिए मेसर्स रिया और मेसर्स एस्सार इंटरप्राइजेज का इस्तेमाल किया गया. दोनों ही कागजी कंपनियां प्रदीप कुमार के करीबी ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती की हैं.
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी मनी लाउंड्रिंग के आरोपों की जांच के दौरान इस बात की जानकारी मिली है. जांच में पाया गया है मेसर्स रिया इंटरप्राइजेज ने डॉ प्रदीप कुमार के भाई राजेंद्र कुमार के खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर किया है.
इस राशि का इस्तेमाल राजेंद्र कुमार के नाम पर उदयपुर में संपत्ति खरीदने में किया गया है. रिया इंटरप्राइजेज किसी तरह का व्यापार नहीं करती है. इस कागजी कंपनी के मालिक ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती हैं. राजेंद्र कुमार के साथ उनका कोई व्यापारिक संबंध नहीं है. राजेंद्र कुमार को यह रकम बगैर किसी तरह के लोन एग्रिमेंट के दी गयी है.
रिया इंटरप्राइजेज के अलावा मेसर्स एस्सार इंटरप्राइजेज से भी राजेंद्र कुमार के खाते में 2.40 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये हैं. एस्सार इंटरप्राइजेज भी किसी तरह का व्यापारिक गतिविधि संचालित नहीं करती है. सिर्फ इतना ही नहीं डॉ प्रदीप कुमार ने उदयपुर में संपत्ति खरीदने के लिए इस ठेकेदार को जेनरल पावर ऑफ एटर्नी भी दी थी. डॉ प्रदीप संपत्ति खरीदने के लिए कभी उदयपुर नहीं गये. सारा काम उनके करीबी समझे जानेवाले इस ठेकेदार के माध्यम से हुआ था.
15 लाख के निवेश पर 37.91 लाख का मुनाफा
जांच में यह भी पाया गया कि शैलजा अपार्टमेंट के निर्माण में 15 लाख रुपये के निवेश पर 37.91 लाख रुपये का मुनाफा गलत तरीके से दिखाया गया. यह रकम राजेंद्र कुमार के नाम से शैलजा अपार्टमेंट प्रोजेक्ट में निवेश की गयी थी. फर्जी तरीके से शैलजा अपार्टमेंट प्रोजेक्ट का मुनाफ बढ़ा कर दिखाने का उद्देश्य डॉ प्रदीप कुमार की नाजायज आमदनी को राजेंद्र कुमार के नाम पर निवेश कर उसे जायज करार देना है.
ठेकेदार की जमानत याचिका खारिज
हाइकोर्ट में मनी लाउंड्रिंग के आरोपी ठेकेदार श्यामल चक्रवर्ती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. इडी ने दवा घोटाले में मनी लाउंड्रिग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी.
इस मामले में इडी द्वारा सौंपी गयी जांच रिपोर्ट पर पीएमएलए कोर्ट ने अभियुक्त श्यामल चक्रवर्ती के खिलाफ संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया. इसके बाद इडी द्वारा गिरफ्तार किये जाने की आशंका जताते हुए अभियुक्त ने हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. अदालत ने इस मामले में सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है.
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