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रांची : करमाटांड़ ही क्यों बना साइबर क्राइम का केंद्र, हो रहा शोध

Updated at : 19 Apr 2019 8:02 AM (IST)
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रांची : करमाटांड़ ही क्यों बना साइबर क्राइम का केंद्र, हो रहा शोध

रांची : पिछले कुछ अरसे से देश के विभिन्न हिस्सों में हुए साइबर क्राइम के तार झारखंड के जामताड़ा स्थित करमाटांड़ से जुड़े हैं. ऐसे में देश भर की पुलिस, साइबर क्राइम की जांच करनेवाली एजेंसियों का ध्यान करमाटांड़ की अोर गया है. सवाल यह है कि आखिर एक पिछड़े जिले के अौर भी पिछड़े […]

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रांची : पिछले कुछ अरसे से देश के विभिन्न हिस्सों में हुए साइबर क्राइम के तार झारखंड के जामताड़ा स्थित करमाटांड़ से जुड़े हैं. ऐसे में देश भर की पुलिस, साइबर क्राइम की जांच करनेवाली एजेंसियों का ध्यान करमाटांड़ की अोर गया है. सवाल यह है कि आखिर एक पिछड़े जिले के अौर भी पिछड़े इलाके में यह अपराध कैसे फल-फूल रहा है?
साइबर क्राइम के दिनोंदिन बढ़ रहे मामले पर अब झारखंड हाइकोर्ट ने संज्ञान लिया है. राज्य में बढ़ रहे साइबर क्राइम पर जस्टिस एबी सिंह के मार्ग निर्देशन में शाेध हो रहा है.
सीजेएम स्वयंभू, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह डालसा के प्रभारी सचिव विजय कुमार श्रीवास्तव, ज्यूडिशियल एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर बिरेश कुमार ने गुरुवार को बताया कि ज्यूडिशियल एकेडमी झारखंड अौर नेशनल लॉ कॉलेज रांची के द्वारा यह अध्ययन किया जा रहा है. इसमें न्यायिक पदाधिकारी, कानून के छात्र मुख्य रूप से शामिल हैं. साथ ही रिसर्च में पुलिस विभाग की भी मदद ली जा रही है. इस शोध को मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस नयी दिल्ली की अोर से स्पांसर किया गया है. शोध का विषय है ‘साइबर क्राइम्स इश्यूज, चैलेंजेज एंड रेमीडीज अंडर द प्रेजेंट लॉ’.
छह माह है शोध की अवधि : शोध में जो टीम लगी है उनमें प्रो मृणाल सतीश, ज्यूडिशियल एकेडमी झारखंड के निदेशक गौतम कुमार चौधरी, आइजी नवीन कुमार सिंह, लॉ यूनिवर्सिटी से डॉ के श्यामल, अधिवक्ता कृष्णा कुमार अौर लॉ के 24 विद्यार्थी शामिल हैं. छह महीने के शोध अवधि के दो महीने हो चुके हैं. इसमें राज्य में होनेवाले साइबर अपराध के तकरीबन सभी दर्ज मामलों को खंगाला जा रहा है.
प्राइमरी डाटा कलेक्शन का काम हो चुका है अभी फील्ड विजिट कर डाटा को वेरीफाई किया जा रहा है. रिसर्च पूरी होने पर साइबर अपराध से जुड़े कानूनों की समीक्षा की जायेगी. साथ ही जांच एजेंसियों को अौर सक्षम बनाने की भी पहल की जायेगी. इस रिसर्च का एक अहम बिंदु यह भी है कि आखिर करमाटांड़ जैसा पिछड़ा इलाका ही साइबर क्राइम का केंद्र क्यों बना?
कितने मामले दर्ज हैं
झारखंड में साइबर क्राइम से जुड़े अभी 1850 (लगभग) मामले दर्ज हैं. रांची में 444 मामले. जमशेदपुर में 210, देवघर में 235, जामताड़ा में 284, बोकारो में 130, कोडरमा में 57, सरायकेला में 71, गिरिडीह में 134, गुमला में 17, गोड्डा में 5, हजारीबाग में 14, धनबाद में 23. (नोट : आंकड़े लगभग में है.)
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