इस्तीफा पत्र लेकर आये, बिशप बास्के व जयंत अग्रवाल का लिया हस्ताक्षर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Mar 2019 2:38 AM
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रांची : सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस के एक घटनाक्रम में 20 मार्च को चर्च के कुछ लोगों ने बिशप बीबी बास्के व छोटानागपुर डायसिस एजुकेशन सोसाइटी (सीडीइएस) के सचिव जयंत अग्रवाल से इस्तीफा ले लिया़ सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस के सचिव रेव्ह जोलजस कुजूर ने बयान जारी कर कहा है कि रांची पास्टरेट के कुछ सदस्य और […]
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रांची : सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस के एक घटनाक्रम में 20 मार्च को चर्च के कुछ लोगों ने बिशप बीबी बास्के व छोटानागपुर डायसिस एजुकेशन सोसाइटी (सीडीइएस) के सचिव जयंत अग्रवाल से इस्तीफा ले लिया़
सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस के सचिव रेव्ह जोलजस कुजूर ने बयान जारी कर कहा है कि रांची पास्टरेट के कुछ सदस्य और लगभग 150- 200 की संख्या में असामजिक तत्व संत बरनाबस छोटानागपुर डायसिस हॉस्पिटल सोसाइटी के बैठक स्थल पर आ धमके और बैठक में शामिल लोगों को अपने नियंत्रण में ले लिया़
उन्होंने जबरन अपने साथ लाये इस्तीफा पत्र पर बिशप बास्के व प्रो जयंत अग्रवाल का हस्ताक्षर करा लिया और इसके साथ ही एसपीजी वीमेंस टीचर्स एजुकेशन कॉलेज की प्राचार्या सेलिस अग्रवाल की सेवा समाप्ति के पत्र पर भी जबरन बिशप का हस्ताक्षर कराया़
इस संबंध में लाेअर बाजार थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में जानलेवा हमला करने आैर धमकी देने का भी आराेप है. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
कार्यालय का दरवाजा ताेड़ा, सीसीटीवी को क्षतिग्रस्त किया
रेव्ह जोलजस कुजूर ने बताया कि 20 मार्च काे संत बरनाबस छोटानागपुर डायसिस हॉस्पिटल सोसाइटी की बैठक डायसिसन भवन, बहूबाजार में हो रही थी़, तभी यह घटना हुई.
कुछ युवाओं ने डायसिस सचिव के कार्यालय का दरवाजा तोड़ डाला और वहां लगे सीसीटीवी कैमरा सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर दिया़ डायसिस सचिव व सीडीइएस के कार्यालय में रखी फाइल व आवश्यक कागजातों को अस्त-व्यस्त कर दिया़
उन्होंने डायसिस के अधिकारियों की अनुमति के बिना डायसिस ऑफिस के ई-मेल आइडी का इस्तेमाल करते हुए गलत कागजातों को सीएनआई सिनोड (सर्वोच्च निकाय) के पदाधिकारियों के पास भेज दिया है़ इसके बाद वे सभी डायसिसन भवन से चले गये़ इस गंभीर माहौल में जयंत अग्रवाल को हृदयाघात हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिका अस्पताल में भरती कराया गया़
बिशप बास्के ने लोअर बाजार थाने में मामला दर्ज कराया
बिशप बासिल बी बास्के द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह 20 मार्च को तीन बजे अपने डायसिस ऑफिस में अपने पदाधिकारी सीडीइएस के सचिव जयंत अग्रवाल, जोलजस कुजूर, अरुण बारवा और जगरानी एक्का के साथ बैठक कर रहे थे.
इसी दौरान वहां मोदी कंपाउंड निवासी शांति पूरण खलखो और उसकी पत्नी ने 150-200 अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के साथ सभास्थल पर पहुंच कर हमला कर दिया. वे बिशप और जयंत अग्रवाल को जान से मारने और पद छोड़ने की धमकी देने लगे.
शांति पूरण खलखो ने बिशप को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि आपने मुझे पद से हटा दिया है. मैं भी इस पद पर रहने नहीं दूंगा. इसके बाद शांति पूरण खलखो और उसकी पत्नी बीना खलखो ने जयंत अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया.
शांति पूरण खलखो, उसकी पत्नी बीना खलखो, जयंत कुजूर, सैहन भेंगरा, हिमांशु कुजूर, दिलीप मालवा पहले से बिशप के नाम का त्यागपत्र टाइप करवा कर लाये थे. सभी ने बिशप को जान से मारने की धमकी देकर जबरन त्यागपत्र पर हस्ताक्षर भी कराया.
शांति पूरण ने जबरदस्ती बिशप का हाथ पकड़ कर उनके अंगुलियों का निशान पेपर पर लिया. जयंत अग्रवाल की पत्नी के साथ भी आरोपियों ने दुर्व्यवहार किया. प्राथमिकी के अनुसार जयंत अग्रवाल पर जानलेवा हमला के कारण ही उन्हें हार्ट अटैक हुआ है.
उसे अस्पताल ले जाने के दौरान भी जान-बूझ कर आरोपियों ने बाधा पहुंचायी, ताकि उनकी मौत हो जाये. आरोपियों पर बिशप ने अपने ऑफिस के सभी कर्मियों को बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. इसके अलावा आरोपियों पर ऑफिस से चेकबुक, फाइल ले जाने, गाड़ी में तोड़-फोड़ करने के साथ-साथ सीसीटीवी तोड़ने का भी आरोप है.
इधर, बिशप व जयंत अग्रवाल के खिलाफ चर्च के लोगों की एक बड़ी बैठक 22 मार्च को संत पॉल कैथेड्रल में हुई़ इसमें बिशप बीबी बास्के व जयंत अग्रवाल के क्रियाकलापों से असंतुष्ट लोगों ने कहा कि बिशप बास्के का चुनाव सीएनआइ के संविधान के अनुरूप नहीं है, इसलिए उनका पद पर बने रहना असंवैधानिक है़
बिशप ने डायसिस के विभिन्न संस्थाओं के फंड का भी दुरुपयोग किया है, जिसके लिए उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है़ं उन्होंने न्यायालय आैर प्रशासन को गुमराह करने के लिए कई गलत दस्तावेज दिये है़ं उनकी पत्नी ने डायसिस की जमीन पर अवैध तरीके से बना फ्लैट खरीदने के लिए गलत दस्तावेज जमा कर बैंक से बड़ी राशि का ऋण लिया है़
वहीं जयंत अग्रवाल को पास्टरेट कमेटी ने 24 जुलाई 2009 को ‘अच्छा व्यक्ति नहीं’ बताया था और इस निर्णय को पास्टरेट कमेटी ने अब तक वापस नहीं लिया है़ उनके खिलाफ यह निर्णय भी है कि उन्हें डायसिस के बोर्ड का सदस्य नहीं बनाया जायेगा़ जयंत के खिलाफ लोअर बाजार थाना, मनोहरपुर थाना, पश्चिमी सिंहभूम में मामला दर्ज है़
कोल्हान विवि ने भी पैसों के दुरुपयोग को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है़ वे छोटानागपुर डायसिस एजुकेशन सोसाइटी के सचिव के साथ संत पॉल कॉलेज के सचिव भी है़ं उनके परिवार के कई लोग भी इस चर्च के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य व सचिव है़ं
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