झारखंड सरकार की नीतियों का विरोध के सवाल पर बोले आजसू सुप्रीमो, राष्ट्रीय व राज्य के विषय अलग, मेरी लड़ाई में विराम नहीं
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Mar 2019 9:20 AM
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रांची : आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य के विषय अलग-अलग हैं. पिछले चार वर्षों में राज्य के जनहित के एजेंडे फोकस में रहे. जनमानस में सरकार की जिन नीतियों को लेकर सवाल उठ रहे थे, उसे एक राजनीतिक पार्टी के रूप में उठाया. पार्टी हो या सरकार […]
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रांची : आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य के विषय अलग-अलग हैं. पिछले चार वर्षों में राज्य के जनहित के एजेंडे फोकस में रहे. जनमानस में सरकार की जिन नीतियों को लेकर सवाल उठ रहे थे, उसे एक राजनीतिक पार्टी के रूप में उठाया. पार्टी हो या सरकार उसमें विचार चलते हैं. मैंने अपनी पार्टी के विचार से सरकार को अवगत कराया, पार्टी के विचार के अनुरूप आंदोलन किये. श्री महतो रविवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों के सवाल का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि जिन विषयों या नीतियों को लेकर उन्होंने सवाल उठाया, उसमें सरकार ने पहल भी की.
सवाल : आपने स्थानीय नीति, भूमि अधिग्रहण नीति, विद्यालयों के मर्जर जैसी राज्य सरकार की नीतियों का विरोध किया. आज क्या ये सारी चीजें सुधर गयीं, जो भाजपा के साथ हो गये?
सुदेश : मैंने अपने विचार रखे. सरकार के निर्णय पर जनमानस का विचार ही रखा. जनमत से जो विचार आये, उसे सरकार के सामने रखा और सरकार ने भी पहल की.
सवाल : आपने तो स्वाभिमान यात्रा भी निकाली. क्या सारी समस्याओं का निदान हो गया?
सुदेश : स्वाभिमान स्वराज यात्रा स्वतंत्र कार्यक्रम था. यह अाजसू पार्टी का कार्यक्रम नहीं था. इसमें मैंने 1952 से चल रहे सिस्टम पर सवाल उठाया था. 13 सौ गांव तक मैं पहुंचा. यह कोई पॉलिटिकल कार्यक्रम नहीं था. यह यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है. अभी लोकसभा का चुनाव है. अभी यात्रा पर राजनीतिक सवाल हावी होते, इसलिए रोक दिया हूं.
यह फिर प्रारंभ होगा. आजसू के स्थापना के समय से रीजनल इश्यू पर फोकस रहा है. हमने भूमि अधिग्रहण के मौजूदा स्वरूप नहीं, विस्थापन से लेकर सीसीएल, बीसीसीएल का मामला उठाया है. हमारी सहयोगी पार्टी भी सहमत है कि राज्य के डेढ़ लाख विस्थापितों के लिए विचार होना चाहिए. हमारी लड़ाई में विराम नहीं लगा है. राज्य के सवालों को स्थापित करेंगे.
सवाल : यह गठबंधन विधानसभा तक चलेगा या नहीं. आपकी पार्टी कह चुकी है कि विधानसभा अकेले लड़ेंगे.
सुदेश : अभी लोकसभा का चुनाव है. देश स्तर की कल्पना है. विधानसभा की बात बाद में होगी.
सवाल : गिरिडीह में आपका प्रत्याशी कौन होगा?
सुदेश : 23 तक रहने दें. सब अभी ही बता देंगे, तो उस दिन क्या करेंगे.
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