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रांची : पीजी ले रहा था एमबीबीएस की क्लास, तभी पहुंच गये रिम्स निदेशक, फैकल्टी को किया शो-कॉज

Updated at : 14 Mar 2019 8:48 AM (IST)
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रांची : पीजी ले रहा था एमबीबीएस की क्लास, तभी पहुंच गये रिम्स निदेशक, फैकल्टी को किया शो-कॉज

इस तरह कैसे आयेगी गुणवत्ता? एमबीबीएस की क्लास से नदारदथे सीनियर डॉक्टर रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह रिम्स के शैक्षणिक व अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने में लगे है, लेकिन हर स्तर से मिल रही कमियों ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है. बुधवार को अस्पताल की जगह जब वे शैक्षणिक […]

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इस तरह कैसे आयेगी गुणवत्ता? एमबीबीएस की क्लास से नदारदथे सीनियर डॉक्टर
रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह रिम्स के शैक्षणिक व अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने में लगे है, लेकिन हर स्तर से मिल रही कमियों ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है. बुधवार को अस्पताल की जगह जब वे शैक्षणिक स्थिति की जानकारी लेने लेक्चर रूम पहुंचे, तो वहां सीनियर फैकल्टी की जगह पीजी स्टूडेंट एमबीबीएस विद्यार्थियों को पढ़ा रहा था.
कम उम्र व नया चेहर होने के कारण निदेशक को आशंका हुई, तो उन्होंने पढ़ा रहे टीचर से सवाल किया. पूछा : क्या आप असिस्टेंट प्रोफेसर हैं?
इस सवाल पर वह सकते में आ गया. निदेशक को क्लास रहे पीजी स्टूडेंट ने अपने को दूसरे वर्ष का छात्र बताया. इस पर निदेशक ने उससे पूछा : आखिर तुम किसके कहने पर कक्षा ले रहे हो? जवाब में पीजी स्टूडेंट ने कहा : सर बीमार चल रहे हैं, इसलिए मैं क्लास ले रहा हूं.
निदेशक यह सुनकर काफी नाराज हुए और वहां से चल दिये. इसके बाद वह दूसरे लेक्चर रूम गये, लेकिन वहां कक्षाएं शुरू नहीं हुई थी. कुछ देर रुकने पर सीनियर डॉक्टर वहां दौड़ते हुए पहुंचे. उन्होंने कहा कि सर आने में थोड़ी देर हो गयी, इसके लिए माफी चाहता हूं. निदेशक ने स्पष्ट किया कि यह गलत है. अगर ऐसी हाल रहेगी, तो विद्यार्थी क्या सीख कर निकलेंगे?
डीन हर दिन नौ बजे करेंगे लेक्चर रूम का निरीक्षण
लेक्चर रूम से निदेशक सीधे अपने कार्यालय पहुंचे और डीन को बुलाया. उन्होंने डीन को दोनों लेक्चर रूप की स्थिति की जानकारी दी. डीन को निर्देश दिया कि वह सुबह नौ बजे रिम्स पहुंच जाये और सबसे पहले लेक्चर रूम का निरीक्षण करें. यह देखे कि किस सीनियर डॉक्टर का क्लास है और वह आये है या नहीं. उन्होंने डीन से इस मामले में दोनों सीनियर डॉक्टरों से स्पष्टीकरण पूछने को कहा है.
एमबीबीएस के छात्रों को जब सीनियर डॉक्टर की जगह जूनियर पढ़ायेंगे, तो शैक्षणिक गुणवत्ता कैसे आयेगी. यह मामला बेहद गंभीर है. डीन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित फैकल्टी से जवाब तलब करें. साथ ही हर दिन सभी लेक्चर थिएटर का भ्रमण का यह सुनिश्चित करें कि सभी सीनियर डॉक्टर समय पर अपनी कक्षा में उपस्थित हों.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स
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