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रांची : स्मार्ट सिटी में नहीं रहेंगे गरीब, किफायती आवास निर्माण की योजना स्थगित

Updated at : 20 Feb 2019 8:32 AM (IST)
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रांची : स्मार्ट सिटी में नहीं रहेंगे गरीब, किफायती आवास निर्माण की योजना स्थगित

विवेक चंद्र रांची : एचइसी इलाके में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में गरीब नहीं रहेंगे. वहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) के लिए कोई आवास नहीं बनाया जायेगा. स्मार्ट सिटी में गरीबों के लिए किफायती आवास निर्माण की योजना स्थगित कर दी गयी है. पहले स्मार्ट सिटी में आठ मंजिला भवनों में 300 वर्गफीट के […]

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विवेक चंद्र
रांची : एचइसी इलाके में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में गरीब नहीं रहेंगे. वहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) के लिए कोई आवास नहीं बनाया जायेगा.
स्मार्ट सिटी में गरीबों के लिए किफायती आवास निर्माण की योजना स्थगित कर दी गयी है. पहले स्मार्ट सिटी में आठ मंजिला भवनों में 300 वर्गफीट के 1738 इडब्ल्यूएस फ्लैटों का निर्माण कराया जाना था. सभी को आवास उपलब्ध कराने की योजना के तहत राजधानी के दो छोर स्मार्ट सिटी और पंडरा में इडब्लूएस के लिए आवास निर्माण प्रस्तावित था.
एक ही योजना के तहत दोनों स्थानों पर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया जाना था, पर अब पंडरा को योजना से अलग करते हुए जी प्लस आठ भवन में आवास निर्माण के लिए टेंडर निकाल दिया गया है.
स्मार्ट सिटी में प्रस्तावित आवासों को टेंडर से अलग कर दिया गया है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक गरीबों के आवास निर्माण की योजना स्मार्ट सिटी से हटा कर धुर्वा के सीठियो में हस्तांतरित की जा रही है. सीठियो में इसके लिए भूमि चिह्नित की जा रही है. जमीन चिह्नित होने के बाद ही टेंडर जारी किया जा सकेगा.
तीन कैटेगरी में लोग रहेंगे स्मार्ट सिटी में : रांची स्मार्ट सिटी में तीन कैटेगरी में लोग रहेंगे.लोअर डेंसिटी में 50-200 लोग प्रति एकड़ में, मीडियम डेंसिटी में 201 से 400 लोग प्रति एकड़ तथा हाइ डेंसिटी में 401 से 800 लोग प्रति एकड़ में रहेंगे. स्मार्ट सिटी में कुल 86.5 एकड़ में आवासीय परिसर होगा. इसमें 200 वर्गफीट के 2016 हॉस्टल रूम होंगे. 600 वर्गफीट के एलआइजी फ्लैट की संख्या 3838 होगी. 1000 वर्गफीट के एमआइजी फ्लैट की संख्या 4121 होगी. 1500 वर्गफीट के एचअाइजी फ्लैट 1833 तथा 2200 वर्गफीट के सुपर एचआइजी फ्लैट 1039 होंगे.
स्मार्ट सिटी के आवासीय परिसर में 69270 लोग रहेंगे. स्मार्ट सिटी की कुल आबादी लगभग 1.50 लाख होने का अनुमान है. इनमें वे लोग शामिल हैं, जो वहां रहकर काम करेंगे, निवास करेंगे या आना-जाना करेंगे.
मुख्य सचिव ने दिया हाउसिंग पॉलिसी बनाने का निर्देश : राज्य के मुख्य सचिव ने स्मार्ट सिटी के लिए हाउसिंग पॉलिसी तैयार करने का निर्देश दिया है.
हाउसिंग पॉलिसी के तहत ही स्मार्ट सिटी में जमीन या फ्लैट की दर निर्धारित की जायेगी. स्मार्ट सिटी के कुल 67.7 एकड़ क्षेत्रफल को कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है. वहां कॉमर्शियल अॉफिस, फाइव स्टार होटल, रिटेल मॉल, कॉमर्शियल टावर, हाट, वेंडिंग एरिया, लोकल शॉपिंग सेंटर आदि का निर्माण होगा.
स्मार्ट सिटी में सभी श्रेणियों के लोगों के लिए आवास का निर्माण किया जाना है. वहां एलआइजी, एमआइजी, एचआइजी और सुपर एचआइजी श्रेणी के आवासों का निर्माण प्रस्तावित है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद स्मार्ट सिटी में किफायती आवासों का निर्माण करने की योजना अभी रोकी गयी है, लेकिन जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा.
– अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
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