रांची : मॉनिटरिंग नहीं, अंडा वितरण में गड़बड़ी जारी

Updated at : 15 Feb 2019 9:36 AM (IST)
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रांची : मॉनिटरिंग नहीं, अंडा वितरण में गड़बड़ी जारी

रांची : राज्य भर के 38432 अांगनबाड़ी केंद्रों में करीब 10.20 लाख बच्चों को सप्ताह में तीन दिन दिया जाने वाला अंडा समय पर न मिलने, गैप के बाद मिलने तथा अंडा खराब होने पर इन्हें बदलने में विलंब की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. प्रभात खबर ने भी अपनी पड़ताल में पाया था कि […]

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रांची : राज्य भर के 38432 अांगनबाड़ी केंद्रों में करीब 10.20 लाख बच्चों को सप्ताह में तीन दिन दिया जाने वाला अंडा समय पर न मिलने, गैप के बाद मिलने तथा अंडा खराब होने पर इन्हें बदलने में विलंब की शिकायतें लगातार मिल रही हैं.
प्रभात खबर ने भी अपनी पड़ताल में पाया था कि आंगनबाड़ी केंद्रों में सड़े अंडे की आपूर्ति हो रही थी तथा केंद्रों को अंडे समय पर नहीं मिल रहे थे. इधर, खाद्य सुरक्षा व भोजन का अधिकार से जुड़े लोगों ने भी ऐसी ही शिकायतों के साथ मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है. आग्रह किया है कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों को ही अंडे खरीदने के पैसे दिये जायें. इससे स्थानीय रोजगार भी पैदा होगा.
गौरतलब है कि सरकार एक अंडे के लिए अभी 5.93 रुपये का भुगतान कर रही है. हर माह अौसतन 1.22 करोड़ अंडे की आपूर्ति होती है.
राज्य भर में अंडा आपूर्ति का काम सालेम (तमिलनाडु) के किसान पॉल्ट्री फार्म को मिला है. समाज कल्याण निदेशालय से अंडा आपूर्ति के संबंध में दो मई 2018 को जारी आदेश के अनुसार, फार्म को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडों के उपयोग, इसकी शुद्धता जांच तथा सुरक्षित रखरखाव संबंधी मार्गदर्शिका उपलब्ध करानी है. पर केंद्रों को शुद्धता जांच संबंधी कोई सामग्री उपलब्ध नहीं करायी गयी है.
विभागीय आदेश के मुताबिक महिला पर्यवेक्षिका (सुपरवाइजर), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा आपूर्ति होने के तीन दिनों के अंदर फील्ड विजिट कर अंडों की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट निदेशालय को देनी है. यह प्रावधान भी किया गया था कि समय-समय पर पशु चिकित्सक या सक्षम संस्थान से अंडों की जांच करायी जायेगी, पर ये काम नहीं हो रहे हैं.
आपूर्ति कंपनी पर भी लग रहे कई आरोप एसएचजी को काम देने पर हो रहा विचार
आपूर्ति कंपनी पर आरोप : सीएम को लिखी चिट्ठी में किसान पॉल्ट्री फार्म को संदेहपूर्ण कंपनी बताया गया है. तमिलनाडु की एक संस्था अरापोरलायाकम के हवाले से कहा गया है कि फार्म दरअसल क्रिस्टी फ्रिदग्राम इंडस्ट्री की सेल कंपनी है. अंग्रेजी अखबार द हिंदू के मुताबिक क्रिस्टी फ्रिदग्राम तमिलनाडु में मध्याह्न भोजन के लिए तेल व दाल सहित अन्य सामग्री आपूर्ति करती है. इस पर वहां के राजनेताअों व अधिकारियों तथा उनके परिवारों को करोड़ों रुपये देने संबंधी खबर 24 नवंबर 2018 को प्रकाशित हुई थी. कर्नाटक में भी क्रिस्टी फ्रिदग्राम को ब्लैक लिस्टेड किया गया है.
एसएचजी में संभावना तलाशी जायेगी
समाज कल्याण विभाग किसान पॉल्ट्री के साथ मई-जून 2019 तक एक वर्ष का करार खत्म होने के बाद स्वयं सहायता समूहों के जरिये अंडा आपूर्ति की संभावना तलाश रहा है. सूत्रों के मुताबिक जिला या प्रखंड स्तर पर यह काम हो सकता है. पर विकल्प न मिलने पर अंडों के लिए फिर टेंडर निकलना होगा.
कौन किसकी सेल कंपनी है, यह हमलोग कैसे कह सकते हैं. अंडे की आपूर्ति नहीं करने या सड़ा अंडा के बदले बढ़िया अंडा न देने पर इसकी कीमत के साथ पांच फीसदी पेनाल्टी लगती है. यानी सड़े या आपूर्ति नहीं किये गये अंडे की कीमत का भुगतान कंपनी को नहीं होता. वहीं प्रति 100 अंडों के लिए पांच फीसदी के हिसाब से करीब 29 रुपये पेनाल्टी भी लगती है.
इस मद में हम कंपनी से अब तक 35 लाख रुपये वसूल चुके हैं. फील्ड में मॉनिटरिंग न होने की शिकायत सही है. इसके लिए उपायुक्तों को भी कई बार कहा गया है.
मनोज कुमार, निदेशक, समाज कल्याण
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