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रांची : दूसरी बार बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर, 13 मिनट में मरीज को लेकर एयरपोर्ट पहुंची एंबुलेंस

Updated at : 12 Feb 2019 9:21 AM (IST)
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रांची : दूसरी बार बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर, 13 मिनट में मरीज को लेकर एयरपोर्ट पहुंची एंबुलेंस

रांची : राजधानी की यातायात पुलिस ने सोमवार को दूसरी बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर कर एक मरीज को अस्पताल से मात्र 13 मिनट में बिरसा मुुंडा एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया. जिस मरीज को ग्रीन कॉरिडोर के जरिये एयरपोर्ट पहुंचाया गया, उनका नाम रवींद्र नाथ तिवारी बताया जा रहा है. मोरहाबादी के रहनेवाले 45 वर्षीय रवींद्र […]

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रांची : राजधानी की यातायात पुलिस ने सोमवार को दूसरी बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर कर एक मरीज को अस्पताल से मात्र 13 मिनट में बिरसा मुुंडा एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया. जिस मरीज को ग्रीन कॉरिडोर के जरिये एयरपोर्ट पहुंचाया गया, उनका नाम रवींद्र नाथ तिवारी बताया जा रहा है.
मोरहाबादी के रहनेवाले 45 वर्षीय रवींद्र नाथ तिवारी लिवर सिरोसिस से जूझ रहे हैं. उन्हें परिजन ने गंभीर हालत में बूटी मोड़ स्थित मेडिका में भर्ती कराया था. यहां
से उन्हें गुरुग्राम (गुड़गांव) स्थित मेदांता में शिफ्ट किया जाना था. उन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए यातायात पुलिस ने वीवीआइपी के तरह नो ट्रैफिक जोन तैयार किया. एंबुलेंस दिन के 11:53 बजे मेडिका से निकाली और दोपहर 12:06 बजे में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच गयी.
एक सप्ताह पहले भर्ती कराया गया था मरीज को : रवींद्र नाथ तिवारी को एक सप्ताह पहले मेडिका में डॉ अविनाश कुमार की देखरेख में भर्ती कराया गया था. रविवार शाम मरीज की हालत बिगड़ने लगी, तो डॉ अविनाश कुमार ने उन्हें अच्छे अस्पताल में ले जाने सलाह दी. मरीज के परिजनों ने डॉक्टर अविनाश को बताया कि वे लोग दिल्ली में गुरुग्राम स्थित मेदांता में इलाज करा चुके हैं. वे लोग मरीज को वहीं ले जाना चाहते हैं. डॉक्टर ने मरीज को वहां ले जाने की सलाह दे दी.
इससे पहले भी एक बार बना था ग्रीन कॉरिडोर : इससे पहले चार फरवरी को पहली बार राजधानी में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था. इसके जरिये डेढ़ साल की बच्ची खुशी को रानी चिल्ड्रेन अस्पताल से 11 मिनट में एंबुलेंस से एयरपोर्ट पहुंचा गया था. उस घटना के बाद ही एसएसपी अनीश गुप्ता ने कहा था कि अब हर गंभीर मरीज को ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा दी जायेगी़
ग्रीन कॉरिडोर में वीवीआइपी की तरह होता है नो ट्रैफिक
ग्रीन कॉरिडोर में राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे वीवीआइपी के प्रोटोकॉल की तर्ज पर नो ट्रैफिक जोन बनाया जाता है. इस दौरान आम वाहनों को या तो रोक दिया जाता है या फिर डायवर्ट कर दिया जाता है.
मेडिका से एंबुलेंस बरियातू, रिम्स, करमटोली चौक, एसएसपी आवास, राजभवन, हॉट लिप्स चौक, रातू रोड न्यू मार्केट चौक, हरमू बाइपास के किशोर गंज चौक, सहजानंद चौक, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक, हिनू चौक होते हुए एयर पोर्ट पहुंचायी गयी. इसमें ट्रैफिक के लालपुर थाना प्रभारी मो फरीद, गाेंदा थाना प्रभारी नवल कुमार और जगन्नाथपुर थाना प्रभारी असीत मोदी सहित 50 ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगे हुए थे.
परिजन ने एसएसपी से की बात
मरीज को गुरुग्राम ले जाने के लिए परिजनों ने एसएसपी अनीश गुप्ता से बात कर ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग की़ एसएसपी ने तुरंत ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग के नेतृत्व में टीम को तैयार किया. चूंकि मरीज को मेदांता अस्पताल ले जाना था, इसलिए इरबा के मेदांता से एंबुलेंस मंगायी गयी थी.
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