रांची : नक्सलियों की लेवी वसूली रोकें: कोर्ट

Updated at : 19 Jan 2019 1:54 AM (IST)
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रांची  :  नक्सलियों की लेवी वसूली रोकें: कोर्ट

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को कोयला खनन व ट्रांसपोर्टिंग में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सीसीएल, बीसीसीएल के विभिन्न खदानों से कोयला की ट्रांसपोर्टिंग में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली किये जाने के […]

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट में शुक्रवार को कोयला खनन व ट्रांसपोर्टिंग में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सीसीएल, बीसीसीएल के विभिन्न खदानों से कोयला की ट्रांसपोर्टिंग में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली किये जाने के मामले को गंभीरता से लिया. सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार को उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्देश दिया.
यह भी कहा कि समिति कोयला ट्रांसपोर्टिंग में लेवी वसूली को रोकने तथा इस संबंध में दर्ज मामलों की जांच की मॉनीटरिंग करे.खंडपीठ ने माैखिक रूप से कहा कि मामलों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग की जाये. एक मैकेनिज्म विकसित कर लेवी वसूली जैसी घटनाअों को पूरी तरह से रोका जाये. विभिन्न कोयला खदानों से ट्रांसपोर्टेशन में लेवी वसूली की गतिविधियों पर रोक लगाये.
इन गतिविधियों में कहीं भी पुलिस की संलिप्तता है, तो उसे बंद कराया जाये. लेवी वसूली से संबंधित दर्ज मामलों की जांच पूरी कर चार्जशीट दायर की जाये. इसके साथ ही खंडपीठ ने याचिका को निष्पादित कर दिया.
11 प्राथमिकियां दर्ज हैं: सीसीएल
इससे पूर्व सीसीएल की अोर से बताया गया कि लेवी वसूली के मामले में लगभग 11 प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में जांच जारी है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने खंडपीठ को बताया कि सीसीएल के पिपरवार स्थित आम्रपाली परियोजना समेत राज्य के विभिन्न खदानों से कोयले के ट्रांसपोर्टेशन में नक्सलियों द्वारा लेवी वसूली जाती है.
लेवी का एक अंश पुलिस को जाता है. लेवी वसूल कर नक्सली अपने को मजबूत कर रहे हैं. लेवी से वसूले गये करोड़ों रुपये नक्सलियों के बैंक खातों में जमा हैं.
लेवी के पैसे से ही नक्सली संगठन जैसे टीपीसी, पीएलएफआइ या माअोवादी संगठन विभिन्न हथियारों की खरीदारी करते हैं. इससे उग्रवादी घटनाअों को अंजाम दिया जाता है. लोगों का शोषण किया जाता है. आतंक फैलाया जाता है.
चतरा के पूर्व एसपी ने मानी थी लेवी वसूली की बात
पूर्व में चतरा के एसपी ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि कोयले के ट्रांसपोर्टेशन में नक्सलियों द्वारा लेवी की वसूली करने की घटनाएं होते रहती हैं.
अधिवक्ता श्री सिंह ने पूरे मामले की सीबीआइ या विशेष जांच दल गठित कर जांच कराने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सागर साव ने जनहित याचिका दायर की थी. उन्होंने प्रभात खबर में प्रकाशित खबरों के आधार पर नक्सली-पुलिस सांठगांठ की सीबीआइ से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी.
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