झारखंड हाइकोर्ट भवन निर्माण अनियमितता मामले में तीन माह में जांच कर की जायेगी कार्रवाई

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Jan 2019 9:19 AM

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सरकार ने विधानसभा में कृत कार्रवाई प्रतिवेदन पेश कर दी जानकारी रांची : हाइकोर्ट भवन निर्माण अनियमितता मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. फिलहाल यह मामला सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. यह जानकारी विधानसभा में शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा दिये गये आश्वासनों के अनुपालन से संबंधित कृत कार्रवाई प्रतिवेदन […]

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सरकार ने विधानसभा में कृत कार्रवाई प्रतिवेदन पेश कर दी जानकारी

रांची : हाइकोर्ट भवन निर्माण अनियमितता मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. फिलहाल यह मामला सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. यह जानकारी विधानसभा में शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा दिये गये आश्वासनों के अनुपालन से संबंधित कृत कार्रवाई प्रतिवेदन में दी गयी है. शीतकालीन सत्र के दो आश्वासनों की सूची विधानसभा सचिवालय की ओर से मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी को उपलब्ध करायी गयी थी. विधायक अरूप चटर्जी ने राज्य में निर्माणाधीन हाइकोर्ट भवन निर्माण में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच कराने को लेकर सवाल उठाया था. इस पर सरकार की ओर प्रभारी मंत्री सीपी सिंह ने कहा था कि समिति द्वारा प्रक्रियात्मक चूकों और वित्तीय अनुशासन के कतिपय उल्लंघन के मामले चिह्नित किये गये हैं. समिति की अनुशंसा के आलोक में विभाग स्तर से अंतर विभागीय अभियंताओं के संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है. इस मामले में तीन माह के अंदर जांच समाप्त कर कार्रवाई की जायेगी.
हुसैनाबाद के तत्कालीन सीओ की सेवा कार्मिक विभाग को वापस
विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता के साथ दुर्व्यवहार से संबंधित मामले में सरकार ने हुसैनाबाद के तत्कालीन अंचलाधिकारी विपिन कुमार दुबे की सेवा कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को वापस कर दी है. कार्मिक विभाग से आगे की कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता की ओर से इस मामले में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सवाल उठाया गया था. प्रभारी मंत्री अमर कुमार बाउरी ने एक सप्ताह के अंदर जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था. कृत कार्रवाई प्रतिवेदन में बताया गया है कि इस मामले की जांच प्रमंडलीय आयुक्त पलामू से करायी गयी. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले कुशवाहा शिवपूजन मेहता के द्वारा असंयमित भाषा का प्रयोग किया गया. परंतु तत्कालीन अंचल अधिकारी द्वारा भी संयम एवं प्रशासनिक परिपक्वता का परिचय नहीं दिया गया. अंचल अधिकारी यदि चाहते तो वे इस अनर्गल बातचीत को बंद कर सकते थे. परंतु उनके द्वारा भी लगातार बातचीत एवं वाट्सएप पर संवाद जारी रखा गया, जो प्रशासनिक अक्षमता एवं जिद्दीपन को दर्शाता है.
राज्यपाल के अभिभाषण के साथ नहीं बंटी कॉपी विपक्ष का किचकिच
सदन में बजट सत्र में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण था़ उनके वक्तव्य के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण की कॉपी विधायकों के बीच वितरित नहीं की गयी़ राज्यपाल का पूरा अभिभाषण खत्म हुआ, वह निकल गयीं, तब इसकी कॉपी विधायकों के बीच बांटी गयी़ अभिभाषण की शुरुआत होते ही इसको लेकर विपक्षी सदस्यों ने सवाल उठाया़ प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन का कहना था कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण की कॉपी नहीं मिली है़ कांग्रेस के विधायकों ने भी इस परंपरा पर सवाल उठाया़ विपक्ष के विधायकों का कहना था कि विधानसभा के नियम-परंपरा को सरकार तोड़ रही है़ सदन के अंदर इस मुद्दे को लेकर किचकिच भी हुआ़ उधर सूचना के मुताबिक हो-हल्ला और हंगामा को देखते हुए विधानसभा सचिवालय की ओर से कॉपी वितरित नहीं की गयी.
विधानसभा में दिवंगत विभूतियों को किया गया याद
रांची. विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन दिवंगत विभूतियों को याद किया गया. साथ ही दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि विधानसभा के पिछले सत्र से अब तक की अवधि में कई महत्वपूर्ण राजनेता, कलाकार और समाजसेवी इस दुनिया से विदा हो गये. इसमें पूर्व सांसद कैप्टन जय नारायण निषाद, पूर्व विधायक दीनानाथ पांडेय, विधान पार्षद सूजन नंदन प्रसाद, पूर्व विधायक सच्चिदानंद सिन्हा, फिल्म अभिनेता कादर खान, फिल्म निर्माता मृणाल सेन एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष विष्णु हरि डालमिया प्रमुख हैं. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति प्रदान करने और इनके परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की. मुख्यमंत्री रघुवर दास, नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, चंद्र प्रकाश चौधरी, आलमगीर आलम, अरुप चटर्जी, कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने भी दिवंगत विभूतियों के निधन पर शोक जताया.
19 को स्थगित रहेगी विधानसभा, कार्यमंत्रणा में हुआ तय
रांची.19 जनवरी को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित रहेगी़ इस दिन पहली पाली में प्रश्नकाल और दूसरी पाली में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व वाद-विवाद के बाद सरकार का उत्तर आना था़ इस दिन के विधायी कार्य दूसरे दिन किये जायेंगे़ कार्यमंत्रणा की बैठक में इसको लेकर फैसला हुआ़ स्पीकर की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा की बैठक में सीएम रघुवर दास, प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मंत्री सरयू राय, सीपी सिंह, चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक राधाकृष्ण किशोर, सुखदेव भगत, रवींद्र महतो सहित दूसरे विधायक शामिल हुए़ तय किया गया कि 19 जनवरी के प्रश्नकाल को किसी दूसरे दिन कार्यवाही के एक घंटे पहले बुला कर कर शामिल किया जायेगा़ संभवत: इस दिन का प्रश्नकाल 21 जनवरी को शामिल हो सकता है.
सरकार दिशाहीन, दिख रहा वित्तीय कुप्रबंधन : सुखदेव
रांची. कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार दिशाहीन है. अभिभाषण में संवेदनशीलता का घोर अभाव देखने को मिला. यह वास्तविकता से दूर है. इससे सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन भी दिखायी दे रहा है. सरकार की ओर से 22 जनवरी को बजट पेश किया जा रहा है. वहीं, नौ माह में सिर्फ 44 प्रतिशत ही राशि खर्च हो पायी है. सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि तीन माह में 56 प्रतिशत राशि कैसे खर्च करेगी. यही नहीं सरकार की ओर से तीसरा अनुपूरक बजट भी लाया जा रहा है. श्री भगत ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों का इलाज नहीं हो पा रहा है. शिक्षकों की नियुक्ति लंबित है. राज्य में एक लाख 13 हजार पद रिक्त पड़े हैं. राज्यपाल के अभिभाषण पर इस कोई जिक्र नहीं किया गया. सरकार की नीतियों से हर वर्ग नाराज है और आंदोलन कर रहा है. सरकार स्किल डेवलपमेंट के तहत राज्य में एक लाख लोगों की नियुक्ति करने की बात कर रही है. अगर यह सत्य है, तो सरकार को इसका आंकड़ा सार्वजनिक कर बताना चाहिए.
डेढ़ वर्ष से सदन को हाइजैक कर रहा विपक्ष
कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष व झामुमो विधायकों की ओर से की गयी टीका टिप्पणी की भर्त्सना की है. उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले डेढ़ साल से सदन को हाइजैक व गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, यह दुख:द है. इस दौरान सदन में जनता के एक सवाल भी नहीं उठ पाया. इसके लिए पूरी तरह से विपक्ष जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई निर्णय लिये हैं. विपक्ष का आरोप बेबुनियाद है. चार साल में कृषि विकास दर में 19 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. कृषि विकास दर -4% से बढ़ कर +14.5% हो गया है. किसानों के लिए सरकार आर्शीवाद योजना शुरू कर रही है. इसके लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बजट में गांव, गरीब व किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य तेजी से विकास कर रहा है. दूध व मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है. फूड प्रोसेसिंग की कई प्लांट लगाये गये हैं. इससे रोजगार के अवसर का सृजन होगा.
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