रांची : बिना रेगुलेशन के टैक्स का रेट बढ़ाना उचित नहीं
Updated at : 16 Dec 2018 10:04 AM (IST)
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रांची : हाइकोर्ट की जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने होर्डिंग पर विज्ञापन दर में बढ़ोतरी का रांची नगर निगम का आदेश निरस्त कर दिया है. अदालत ने कहा कि किसी प्रकार के टैक्स निर्धारण, वसूली व बढ़ोतरी के लिए रेगुलेशन का होना जरूरी है. बिना रेगुलेशन के टैक्स निर्धारित करना व बढ़ाना उचित […]
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रांची : हाइकोर्ट की जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने होर्डिंग पर विज्ञापन दर में बढ़ोतरी का रांची नगर निगम का आदेश निरस्त कर दिया है.
अदालत ने कहा कि किसी प्रकार के टैक्स निर्धारण, वसूली व बढ़ोतरी के लिए रेगुलेशन का होना जरूरी है. बिना रेगुलेशन के टैक्स निर्धारित करना व बढ़ाना उचित नहीं है. जिस वक्त नगर निगम ने होर्डिंग विज्ञापन दर में बढ़ोतरी की थी, उस समय उसके पास इस बाबत कोई नियमावली नहीं थी. इसलिए उसे संवैधानिक माना नहीं जा सकता है.
अदालत ने कहा कि यदि विज्ञापन एजेंसियों ने टैक्स की राशि विज्ञापनदाता से वसूल नहीं की है, तो प्रमाण सहित नगर आयुक्त के पास आवेदन दे सकते हैं. नगर आयुक्त आवेदनों की जांच कर टैक्स की राशि एजेंसियों को वापस करेंगे. इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता बिजय कांत दुबे ने बताया कि वर्ष 2012 में होर्डिंग के विज्ञापन पर एक वर्ष के लिए 1.50 रुपये प्रति वर्गफीट के टैक्स को बढ़ा कर 15 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया था. बाद में वर्ष 2015 में इसे बढ़ा कर 60 रुपये कर दिया गया.
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