रांची : 13837 भवनों का 19 करोड़ टैक्स बकाया, पर इनके मालिकों को अब तक नहीं खोज पाया नगर निगम

Updated at : 12 Dec 2018 9:13 AM (IST)
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रांची : 13837 भवनों का 19 करोड़ टैक्स बकाया, पर इनके मालिकों को अब तक नहीं खोज पाया नगर निगम

रांची : रांची नगर निगम को अपने दायरे में आनेवाले 13837 होल्डिंग धारी भवनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इन भवनों पर टैक्स मद में नगर निगम के 19.01 करोड़ रुपये बकाया हैं. इसके बावजूद अब तक न तो इन भवनों को चिह्नित किया जा सका है और न ही इनके मालिकों से […]

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रांची : रांची नगर निगम को अपने दायरे में आनेवाले 13837 होल्डिंग धारी भवनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इन भवनों पर टैक्स मद में नगर निगम के 19.01 करोड़ रुपये बकाया हैं. इसके बावजूद अब तक न तो इन भवनों को चिह्नित किया जा सका है और न ही इनके मालिकों से संपर्क हो पाया है. ऐसे में नगर निगम इन भवनों की होल्डिंग खत्म करने का विचार कर रहा है. बुधवार को होनेवाली निगम बोर्ड की बैठक में उक्त आशय का प्रस्ताव लाया जा सकता है.
बोर्ड की बैठक में सहमति मिलने के बाद उक्त भवनों की होल्डिंग को निष्क्रिय कर दिया जायेगा. ऐसा करने से नगर निगम को राजस्व में 19 करोड़ रुपये का घाटा होना तय है.
दरअसल, इन बकायेदारों ने अपने मकानों की होल्डिंग वर्ष 1992-93 के आसपास करायी थी. उस वक्त भवनों की संख्या कम होने के कारण इनके पते के स्थान पर केवल एरिया का नाम लिख दिया गया था. उसके बाद राजधानी में भवनों की संख्या बेतहाशा बढ़ी. केवल क्षेत्र का नाम लिखा होने के कारण अब नगर निगम चाहकर भी ऐसे भवन मालिकों से संपर्क नहीं कर पाया. निगम के अधिकारी दूसरा तर्क यह भी दे रहे हैं कि हो सकता है कि उस समय जिस भवन का होल्डिंग हुआ हो, आज उसी जगह पर दूसरा भवन बन गया हो. इस कारण भी पुराने होल्डिंग धारक से संपर्क नहीं हो पा रहा है.
रांची : रांची नगर निगम में दो चर्चित सहायक अभियंताओं को संविदा पर रखने की तैयारी चल रही है. बुधवार को होनेवाली निगम बोर्ड की बैठक में उक्त दोनों अभियंताओं को एक साल के लिए संविदा पर रखने का प्रस्ताव लाया जायेगा. गौर करनेवाली बात यह है कि ये दोनों अभियंता निगम से ही सेवानिवृत्त हुए थे. लेकिन, इनका पैतृक विभाग नगर विकास विभाग नहीं था.
जानकारी के अनुसार संविदा पर बहाल होने के बाद इन दोनाें अभियंताओं को नक्शा पास करने के काम में लगाया जायेगा. छह माह पहले जब ये सेवानिवृत्त हुए थे, उस समय भी ये नक्शा पास करने का ही काम देखते थे. सूत्र बता रहे हैं कि रिटायरमेंट के बाद इन दाेनों ने एक बार फिर निगम में वापस आने के लिए एड़ी चोटी एक कर दिया था.
अपने ही बनाये नियम से पलटा नगर निगम : अभियंताओं को संविदा पर रखने के मामले में नगर निगम अपने ही बनाये नियम से पलट रहा है. छह माह पहले ही निगम बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था कि किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी व अभियंता को निगम में संविदा या एक्सटेंशन पर नहीं रखा जायेगा.
जरूरत पड़ी, तो किसी फ्रेशर्स को यह मौका दिया जायेगा. ज्ञात हो कि छह माह पहले निगम के ओएस नरेश कुमार सिन्हा को एक्सटेंशन दिये जाने की मांग को लेकर पार्षदों ने जबरदस्त आंदोलन किया था. लेकिन, उस दौरान मेयर ने पार्षदों की मांगाें को खारिज करते हुए कहा था कि रिटायरमेंट के बाद किसी कर्मचारी या अभियंता को दोबारा एक्सटेंशन नहीं दिया जायेगा.
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