रांची : अब प्रधान परीक्षक नहीं जांचेंगे मैट्रिक व इंटर परीक्षा की कॉपी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Dec 2018 9:43 AM

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रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक व इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया है. यह बदलाव वर्ष 2019 से प्रभावी होगा. यह निर्णय मैट्रिक व इंटरमीडिएट परीक्षा के कॉपी मूल्यांकन में अंकों के योग में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए किया है. प्रधान परीक्षक अब कॉपी जांचने के बजाय […]

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रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मैट्रिक व इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया है. यह बदलाव वर्ष 2019 से प्रभावी होगा. यह निर्णय मैट्रिक व इंटरमीडिएट परीक्षा के कॉपी मूल्यांकन में अंकों के योग में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए किया है. प्रधान परीक्षक अब कॉपी जांचने के बजाय अपने अधीन सभी सह परीक्षक द्वारा जांची गयी कॉपियों के अंक का रीटोटलिंग करेंगे.
प्रधान परीक्षक एक दिन में अधिकतम 20 कॉपी का मूल्यांकन कर सकते थे. मैट्रिक के कॉपी मूल्यांकन के लिए प्रति उत्तरपुस्तिका 16 व इंटर के लिए 20 रुपये मिलते थे. उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन के प्रावधान में किये गये बदलाव के बाद भी प्रधान परीक्षक को पूर्व की भांति प्रतिदिन 20 उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन की दर से राशि का भुगतान किया जायेगा. प्रधान परीक्षक को इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीन उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन करने वाले सह परीक्षक द्वारा जांची गयी कॉपी के अंकों के योग में कोई गड़बड़ी नहीं रहे.
प्रधान परीक्षक सह परीक्षक द्वारा जांची गयी सभी कॉपियों के अंकों को फिर से जोड़ेंगे. एक प्रधान परीक्षक के अधीन पांच सह परीक्षक होंगे. एक परीक्षक कम से कम 30 व अधिकतम 40 काॅपी की जांच करते हैं. ऐसे में एक प्रधान परीक्षक प्रतिदिन कम से 150 व अधिकतम 200 कॉपियों के अंकों के योग की जांच करेंगे.
जैक तैयार करेगा सीडी, देखेंगे परीक्षक
उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन की प्रक्रिया में किये गये बदलाव को लेकर सभी प्रमंडलों में प्रधान परीक्षकों की कार्यशाला होगी. कार्यशाला में प्रधान परीक्षक को मूल्यांकन से संबंधित जानकारी दी जायेगी. मूल्यांकन के दौरान होने वाली गलतियों व उसके सुधार के बारे में बताया जायेगा. जैक इसका सीडी तैयार करायेगा. सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी को सीडी दी जायेगी. मूल्यांकन शुरू होने के पूर्व सभी केंद्रों पर परीक्षकों को सीडी दिखायी जायेगी, ताकि वे मूल्यांकन में होनेवाली गलती व उसमें सुधार के बारे में जान सकें.
स्टेप वाइज मूल्यांकन का कड़ाई से होगा पालन
वर्ष 2019 से कॉपी की जांच में स्टेपवाइज मूल्यांकन प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जायेगा. इसको लेकर भी जैक दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है. सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिशा-निर्देश भेजा जायेगा.
क्यों लिया गया मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव का निर्णय
राज्य में मैट्रिक व इंटर की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में अंकों के योग में गड़बड़ी के कारण प्रति वर्ष शिक्षक ब्लैक लिस्टेड किये जाते हैं. शिक्षक मूल्यांकन में 60 को सात 72 को 12 लिख देते हैं. कई बार सभी प्रश्नों के अंकों का योग नहीं करते. मूल्यांकन में गड़बड़ी के कारण प्रति वर्ष मैट्रिक व इंटरमीडिएट परीक्षा के टॉपरों के अंक में भी बदलाव हो जाता है. तीन वर्ष में 250 से अधिक शिक्षक को ब्लैक लिस्टेड किया गया है. इसके बाद भी मूल्यांकन में अंकों के योग में गड़बड़ी का सिलसिला नहीं थम रहा है. इस कारण जैक ने ऐसा निर्णय लिया.
वर्ष 2019 से मैट्रिक व इंटर की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में अब प्रधान परीक्षक कॉपी की जांच नहीं करेंगे. प्रधान परीक्षक सह परीक्षक द्वारा जांची गयी कॉपी देखेंगे अंकों का रीटोटलिंग करेंगे. प्रधान परीक्षक को पूर्व की भांति उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का पारिश्रमिक दिया जायेगा.
डॉ अरविंद प्रसाद सिंह, जैक अध्यक्ष
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