रांची : कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड बन कर हुआ तैयार, 10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

Updated at : 12 Nov 2018 7:05 AM (IST)
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रांची : कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड बन कर हुआ तैयार, 10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची : करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है. छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं. यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच […]

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रांची : करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है. छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं. यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33) पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है. यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है.
इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी. इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है. रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी के माध्यम से कराया गया है.
रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)
सड़क की लंबाई 23.575 किमी
कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी
सड़क की चौड़ाई छह लेन (30.5 मीटर)
निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग)
काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस
बड़े पुलों की संख्या 3
छोटे पुलों की संख्या 6
फ्लाइअोवर की संख्या 01
अंडर पास की संख्या 7
रेलवे ओवर ब्रिज 01
कलवर्ट की संख्या 53
बस पड़ाव की संख्या 16
इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी. बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है. अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा. रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे.
2008 में हुआ था शिलान्यास : रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था. इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ. जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया. काम आधा-अधूरा रह गया था. ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था. इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा. बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया.
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