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दो लाख रसोइयों को नौकरी नहीं दे सकती झारखंड सरकार

Updated at : 31 Oct 2018 9:11 AM (IST)
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दो लाख रसोइयों को नौकरी नहीं दे सकती झारखंड सरकार

विभाग ने सभी उपायुक्तों को भेजा पत्र. सुनिश्चित करें बाधित नहीं हो एमडीएम सुनील कुमार झा रांची : राज्य सरकार स्कूलाें में खाना बनानेवाली लगभग दो लाख रसोइयों को चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ ग्रेड) में नौकरी नहीं दे सकती है. मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है. […]

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विभाग ने सभी उपायुक्तों को भेजा पत्र. सुनिश्चित करें बाधित नहीं हो एमडीएम
सुनील कुमार झा
रांची : राज्य सरकार स्कूलाें में खाना बनानेवाली लगभग दो लाख रसोइयों को चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ ग्रेड) में नौकरी नहीं दे सकती है. मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है. प्राधिकरण ने इस आशय का पत्र सभी जिलों के उपायुक्त को भेज दिया है.
पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से रसोइयों को एक हजार मानदेय निर्धारित है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 500 रुपये का भुगतान किया जाता है. प्रतिमाह 18 हजार रुपये भुगतान करना संभव नहीं है. सभी उपायुक्तों को कहा गया है कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि रसोइयों के आंदोलन से स्कूलों का मध्याह्न भोजन का संचालन बाधित नहीं हो.
आत्मदाह की चेतावनी : संघ का कहना है कि मांगे पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने बताया कि तीन नवंबर तक उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर रसोइया सीएम आवास के समक्ष आत्मदाह करेंगी.
रसोइयों को हटाने की तैयारी
राज्य के प्राथमिक विद्यालय में पांच व मध्य विद्यालयों में आठ वर्ष से कार्य कर रही रसोइयों को हटाया जा सकता है. प्रावधान के अनुसार, जिनके बच्चे विद्यालय में नामांकित हैं, वहीं रसोइया का कार्य कर सकती है.
ऐसे में प्राथमिक विद्यालय में कोई बच्चा अधिकतम पांच व मध्य विद्यालय में आठ वर्ष तक ही पढ़ सकता है. इस कारण प्राथमिक विद्यालय में पांच और मध्य विद्यालय में आठ साल से अधिक समय से खाना बनानेवाली रसोइयाें को हटाया जा सकता है. उनकी जगह जिनके बच्चे स्कूल में नामांकित हैं उन्हें रसोइया बनाया जायेगा.
लाठीचार्ज के विरोध में माले का प्रतिवाद मार्च
रांची : सोमवार की रात झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया, संयोजिका, अध्यक्ष संघ के बैनर तले सड़क जाम कर रही महिलाओं पर लाठीचार्ज व छेड़खानी की माले ने निंदा की है. लाठीचार्ज और छेड़खानी करने के विरोध में मंगलवार को प्रतिवाद मार्च निकाला गया.
माले कार्यालय से अलबर्ट एक्का चौक तक निकाले गये प्रतिवाद मार्च में कई लोग शामिल हुए. एक्टू नेता अजबलाल ने कहा कि रसोइया संघ 15 सूत्री मांगों को लेकर 35 दिनों से आंदोलन पर है. सरकार 20 दिनों के अंदर दो-दो बार लाठीचार्ज करा चुकी है. इस मौके पर एति तिर्की, रामचरित्र शर्मा, भीम साहू, शांति सेन , एनामुल हक , सुदामा खलखो नोरिन अख्तर ,काली मिंज, सिनगी खलखो , आनंद पांडेय आदि ने विचार रखा.
रांची : मुख्यमंत्री का पुतला फूंका
रांची : रसोइया संघ पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रांची महानगर महिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार को मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया. इस दौरान महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाये. मौके पर विनीता पाठक, राधा देवी, खतिजा खातून, चांदनी श्रीवास्तव कई महिलाएं मौजूद थीं.
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