रांची : आठ वार्डों के दो लाख लोगों की जिंदगी नरक

Updated at : 03 Sep 2018 12:41 AM (IST)
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रांची : आठ वार्डों के दो लाख लोगों की जिंदगी नरक

सीवरेज-ड्रेनेज योजना. सड़कें खोद कर डाली जा रही पाइप और मिट्टी से दबा कर निकल जा रही कंपनी रांची : करीब तीन साल से चल रही सीवरेज-ड्रेनेज निर्माण की योजना ने राजधानी रांची की सूरत बिगाड़ कर रख दी है. सड़कें बर्बाद की जा रही हैं. सीवरेज-ड्रेनेज का काम कर रही कंपनी ज्योति बिल्डटेक केवल […]

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सीवरेज-ड्रेनेज योजना. सड़कें खोद कर डाली जा रही पाइप और मिट्टी से दबा कर निकल जा रही कंपनी
रांची : करीब तीन साल से चल रही सीवरेज-ड्रेनेज निर्माण की योजना ने राजधानी रांची की सूरत बिगाड़ कर रख दी है. सड़कें बर्बाद की जा रही हैं. सीवरेज-ड्रेनेज का काम कर रही कंपनी ज्योति बिल्डटेक केवल सड़कों पर गड्ढे खोदकर उसमें पाइप बिछा रही है और उसे मिट्टी से दबा कर आगे बढ़ जा रही है.
अभी जिन इलाकों में इस परियोजना पर काम चल रहा है, वहां के लोगों का जीवन किस नरक से कम नहीं. बारिश में इन इलाकों में पैदल चलना आसान नहीं है. जबकि, वाहन चलाना तो बेहद खतरनाक है. प्रस्तुत है सीवरेज-ड्रेनेज योजना की पड़ताल करती उत्तम महतो की रिपोर्ट…
राजधानी में सीवरेज-ड्रेनेज परियोजना के जोन-1 का शिलान्यास 13 नवंबर 2015 को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राजधानी रांची की पहचान विश्वस्तर की बनेगी. इस योजना को 24 माह के अंदर इस पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
अगर तय समय पर इसे पूरा कर लिया जाता है, तो सरकार एजेंसी को पुरस्कृत भी करेगी.’ मुख्यममंत्री द्वारा की गयी उक्त घोषणा को 34 माह बीत चुके हैं, लेकिन सीवरेज-ड्रेनेज की यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब तक आधी भी पूरी नहीं हुई है. यह योजना कब तक पूरी होगी और शहरवासियों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति कब मिलेगी, इस बारे में न तो राज्य सरकार कुछ कहने की स्थिति में है और रांची नगर निगम के अधिकारी.
खोदी गयी सड़कों पर चलना हुआ मुहाल
सीवरेज-ड्रेनेज योजना के तहत रांची नगर निगम क्षेत्र के आठ वार्डों में सीवरेज का पाइप लाइन बिछायी जा रही है. लेकिन, काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि अब शहर के लोग भी इससे आजिज आ चुके हैं.
बनी-बनायी सड़कों को खोद कर उसमें पाइप लाइन तो बिछा दी जा रही है, लेकिन उसके बाद सड़क को जस के तस हालत में छोड़ दिया जा रहा है. सड़कों पर चलना भी मुहाल है. बरसात का दिन होने के कारण इन गड्ढों में वाहन फंस जा रहे हैं. प्रतिदिन लोग इन गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हाे रहे हैं. लेकिन, खोदी गयी सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने पर कंपनी का ध्यान नहीं है.
छह इंच की पाइप बिछायी जा रही गलियों में
मोरहाबादी, एदलहातू सहित बरियातू व रातू रोड के कई मोहल्लों के लोगों ने नगर निगम को पत्र लिखा है. लोगों का कहना है कि सीवरेज के लिए मोहल्ले में बिछायी जा रही पाइप लाइन का व्यास केवल छह इंच है. भला इतने पतले पाइप से क्या इतनी घनी आबादी का गंदगी निकली जा सकती है? इसलिए पाइप के व्यास को बढ़ाया जाना चाहिए. लेकिन आमलोगों की शिकायतों पर न तो नगर निगम और न ही राज्य सरकार का ध्यान है.
दो साल तक ठप रहा विकास कार्य
जिन वार्डों में सीवरेज-ड्रेनेज परियोजना के तहत काम चल रहा है, उनमें रांची नगर निगम द्वारा पिछले दो साल से किसी सड़क और नाली की योजना को मंजूरी नहीं दी गयी है. ऐसे में हल्की सी बारिश में ही कई मोहल्ले की सड़कें पानी और कीचड़ से भर जाती हैं. वहीं, नाली नहीं बनने से घरों से निकलने वाला पानी भी सड़कों पर ही बहता रहता है.
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