रांची : बड़े अस्पतालों में डॉक्टर केवल मरीजों का इलाज करेंगे, प्रबंधन का काम अलग करें : रघुवर दास
Updated at : 22 Aug 2018 8:53 AM (IST)
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मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजनाओं की समीक्षा की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया निर्देश रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के सभी बड़े अस्पतालों में प्रबंधन को अलग करें. रिम्स की तर्ज पर दोनों मेडिकल कॉलेज व सदर अस्पतालों में भी प्रबंधन और चिकित्सक का काम अलग-अलग […]
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मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजनाओं की समीक्षा की
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया निर्देश
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के सभी बड़े अस्पतालों में प्रबंधन को अलग करें. रिम्स की तर्ज पर दोनों मेडिकल कॉलेज व सदर अस्पतालों में भी प्रबंधन और चिकित्सक का काम अलग-अलग होगा. चिकित्सक केवल मरीजों का इलाज करेंगे. अस्पताल का प्रबंधन देखने के लिए अलग से भर्ती करें.
श्री दास ने यह निर्देश मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में न केवल चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि चिकित्सकों के सिर पर से काम का बोझ भी हलका होगा. साथ ही राज्य में खून की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक दिन राज्यस्तरीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा.
मेडिकल कॉलेजों से करें कैंपस सेलेक्शन : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के आकांक्षी जिलों में चिकित्सा सेवा को प्राथमिकता की सूची में रखें. इनमें भी जो छह अति पिछड़े जिले हैं, उन पर ज्यादा ध्यान दें. बच्चों व महिलाओं के लिए चिकित्सक बढ़ायें.
चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेजों से कैंपस सेलेक्शन करने का निर्देश दिया. आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति पंचायत स्तर पर करने को कहा. राज्य के सात जिलों में अभी ब्लड बैंक नहीं हैं, उन जिलों में जल्द से जल्द ब्लड बैंक खोलने को कहा. लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करनेवाली संस्थाओं को आर्थिक सहायता के रूप में 1000 रुपये प्रति शव प्रोत्साहन राशि देने का निर्देश दिया.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डॉ डीके तिवारी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, कल्याण सचिव हिमानी पांडेय समेत स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
ट्रैफिकिंग की शिकार बच्चियों को स्वरोजगार से जोड़ें
प्रेक्षा फाउंडेशन के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा के बाद दिया निर्देश
रांची : ट्रैफिकिंग की शिकार हो चुकी बच्चियों को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ें, ताकि उन्हें रोजगार के लिए कहीं भटकना न पड़े. उन्हें बरगलाया नहीं जा सके. राज्य के पिछड़े जिलों में प्रशिक्षण पर विशेष फोकस करें.
वहां की महिलाओं व युवाओं को प्रशिक्षण दें. यह बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही. वे मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में प्रेक्षा फाउंडेशन के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को विदेश में प्लेसमेंट के लिए सरकार द्वारा नामित संस्था के माध्यम से ही भेजा जाये. इससे वे ठगी के शिकार होने से बचेंगे. कल्याण सचिव हिमानी पांडेय ने बताया कि अभी राज्य में 21 कल्याण गुरुकुल संचालित हो रहे हैं. इनमें 12 अनुसूचित जिलों में तथा नौ दूसरे जिलों में हैं. 10 और गुरुकुल खोले जाने हैं.
इनमें अब तक 1913 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 1166 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है. इनमें 964 युवाओं का प्लेसमेंट हो चुका है. अभी कल्याण गुरुकुल की सालाना क्षमता 7500-10000 छात्रों की है. राज्य में अभी चान्हो में नर्सिंग कॉलेज कार्यरत है. नौ और कौशल कॉलेज इसी वर्ष शुरू किये जा रहे हैं.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डॉ डीके तिवारी, नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्णवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
देवघर से बासुकिनाथ धाम को जोड़नेवाली सड़क होगी फोरलेन
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि देवघर से बासुकिनाथ धाम जानेवाली सड़क को फोरलेन किया जायेगा. फोरलेन का निर्माण कार्य वर्ष 2019 के श्रावण महीने से पहले पूरा कर लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित सभा कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बासुकिनाथ धाम पहुंचे कांवरिया श्रद्धालुओं से बातचीत की.
देश भर के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कांवरिया श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष देवघर-बासुकिनाथ धाम यात्रा के अनुभवों को साझा किया. खास कर इस साल कांवरियों के लिए की गयी व्यवस्था को सराहा़ साथ ही कांवरिया श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं से संबंधित आवश्यक सुझाव भी दिये. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं द्वारा दिये गये सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि आपके सुझावों पर देवघर एवं दुमका जिला प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगी.
सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगा देवघर-बासुकिनाथ
मुख्यमंत्री ने कांवरिया श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आनेवाले वर्षों में देवघर एवं बासुकिनाथ धाम को राज्य सरकार सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देवघर एवं बासुकिनाथ धाम सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाये. इसको लेकर सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि आनेवाले वर्षों में देवघर से बासुकिनाथ धाम पहुंच पथ पर जाम की समस्या ना हो, इसके लिए विशेष यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करायी जायेगी.
कांवरियों ने की व्यवस्था की प्रशंसा
मुख्यमंत्री से बात करते हुए पलामू जिले से पहुंची कांवरिया सुनीता देवी ने कहा कि गत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष शौचालय, ठहरने का प्रबंध, साफ सफाई एवं स्वास्थ्य सेवा पर अधिक ध्यान दिया गया है. कांवरिया बिंदु देवी, सरोज तिवारी ने भी अपने अनुभव को साझा किया.
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