पीएम आवास की खराब प्रगति पर मंत्री ने जताया असंतोष, कार्रवाई का दिया आदेश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jul 2018 1:07 AM
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रांची : ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की खराब प्रगति पर नाराजगी जतायी है. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है. मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिनकी प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें स्पष्टीकरण किया जाये. साथ […]
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रांची : ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की खराब प्रगति पर नाराजगी जतायी है. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है. मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिनकी प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें स्पष्टीकरण किया जाये.
साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. इस योजना में देश भर में झारखंड की रैंकिंग भी गिर गयी है. पहले झारखंड चौथे पायदान पर था, लेकिन मौजूदा समय में राज्य तीन पायदान नीचे गिर सातवें नंबर पर आ गया है. मंत्री ने वर्ष 2016-17 के सभी आवासों को 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लेने को कहा है.
वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में देवघर में 720, दुमका में 4650, गोड्डा में 1719, जामताड़ा में 681, पाकुड़ में 9138 व साहेबगंज में 3522 आवासों का प्लींथ निर्माण नहीं हुआ है. मंत्री ने ऐसे आवासों की सूची पंचायतवार व प्रखंडवार तैयार कर लेने और इसमें सुधार लाने को को कहा है. उप विकास आयुक्त व प्रखंड विकास पदाधिकारियों के स्तर पर इस पर काम किया जाये. मंत्री ने कहा कि पाकुड़ जिला को सबसे अधिक मेहनत करने की जरूरत है. ऐसे सभी आवासों के प्लींथ का काम भी 31 अगस्त तक कर लिया जाये.
पैसे हैं नहीं, तो कैसे हो काम : इस योजना के लिए विभाग के पास पैसे ही नहीं हैं. केंद्र से मिले करीब 132 करोड़ भी खर्च हो गये हैं. राज्य ने अपना केंद्रांश लगाया था, वह भी खत्म हो गया है. विभाग के पास इस योजना के लिए शून्य निधि थी. ऐसे में पूरे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना का काम बंद पड़ा हुआ है.
पीएम आवास योजना का जल्द ही होगा शुभारंभ
रांची : राज्य के नगर निकायों के आर्थिक रूप से कमजोर व निम्न आय वर्ग के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास उपलब्ध कराये जायेंगे. इस योजना के फेज वन (स्लम पुनर्विकास योजना) व फेज तीन (निजी भागीदारी में किफायती आवास परियोजना) के तहत सरकार आवासों का निर्माण करायेगी. इसके लिए सरकार बैंकों के साथ जल्द ही एग्रीमेंट करेगी और शुभारंभ करेगी. सोमरार को नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर प्रोजेक्ट भवन में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की. उनसे बैंकों के लोन आवंटन की जटिल प्रक्रियाअों को और सरल करने को कहा.
निजी कंपनियों को आमंत्रित करेगी सरकार
श्री सिंह ने कहा कि इन भवनों के निर्माण के लिए सरकार निजी कंपनियों को आमंत्रित करेगी. भवन निर्माण के बाद लाभुकों को आवंटित किये जायेंगे. जिसमें एक निर्धारित अंशदान सरकार की ओर से दी जायेगी. वहीं बाकी की राशि लाभुक को देना पड़ेगा या फिर बैंक से लोन लेकर चुकाना होगा. इस योजना के तहत आवासों का निर्माण सरकारी जमीन पर होगा और निर्माण कार्य निजी कंपनियां करेंगी. निर्माण के बाद इन आवासों को सरकार को हैंडओवर कर दिया जायेगा. फिर सरकार चयनित लाभुकों को फ्लैट आवंटित करेगी. राज्य में इन योजनाओं के तहत लगभग 40000 से ज्यादा आवासों का निर्माण होना है. जिसके लिए बड़ी संख्या में लाभुकों का चयन भी हुआ है और आगे भी लाभुक चयन का कार्य जारी रहेगा.
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