मामला मिशनरीज ऑफ चैरिटी मामला : सिस्टर कोंसीलिया की दाहिना हाथ थी अनिमा, दोनों मिल कर बेचती थी बच्चा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Jul 2018 7:53 AM

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मामला मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय केंद्र में बच्चा बेचने का रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय केंद्र में बिन ब्याही मां वाले सेक्शन की इंचार्ज सिस्टर कोंसीलिया थी. अनिमा इंदवार उनका दाहिना हाथ थी़ वह उसी सेक्सन में बिन ब्याही मां की देखरेख करती थी़ दोनों मिल कर बच्चों […]

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मामला मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय केंद्र में बच्चा बेचने का
रांची : मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित निर्मल हृदय केंद्र में बिन ब्याही मां वाले सेक्शन की इंचार्ज सिस्टर कोंसीलिया थी. अनिमा इंदवार उनका दाहिना हाथ थी़
वह उसी सेक्सन में बिन ब्याही मां की देखरेख करती थी़ दोनों मिल कर बच्चों का सौदा करती थी़ वर्ष 2016 से अब तक रजिस्टर में 121 बिन ब्याही मां की डिलिवरी होने का रिकाॅर्ड दर्ज है़ उसमें से 24 बच्चे गायब हैं, जिसमें चार बच्चे बरामद कर लिये गये़ तीन और बच्चों के बेचे जाने की बात सिस्टर कोंसीलिया और अनिमा इंदवार ने रिमांड के दौरान पूछताछ में स्वीकार की है़
गायब हुए और 17 बच्चों का रिकॉर्ड खंगाल रही है पुलिस
शेष 17 बच्चों के बारे में उक्त दोनों ने पुलिस को जानकारी नहीं दी है़ जिन बच्चों को बेचने की तैयारी रहती थी, उसका रजिस्टर अलग रखा जाता था, ताकि दूसरे रजिस्टर में उसकी इंट्री कर दिया जाये. मुख्य रजिस्टर में जन्म के दौरान उस बच्चे को मृत दिखा दिया जाता था.
मृत बच्चे के नाम पर जिस बच्चा को बेचा जाता था, उसकी भी एक अलग रजिस्टर में इंट्री रहती था, ताकि बच्चा किसे बेचा गया है, उसके अभिभावक की जानकारी उन्हें रहे़ 24 बच्चे के बेचे जाने के मामले की जानकारी निर्मल हृदय केंद्र की हेड सिस्टर मारीडियान को बाद में हो गयी थी, लेकिन उन्होंने भी उन पर कार्रवाई नहीं की़ इससे उनका मनोबल बढ़ता गया़ यदि उत्तर प्रदेश के ओबरा वाला मामला सामने नहीं आता, तो बच्चे के सौदा का पता नहीं चल पाता़
यूपी के दंपती को बच्चा सौंपने पर रोक
रांची : सीडब्ल्यूसी फिलहाल यूपी के दंपती द्वारा खरीदे गये बच्चे को पुन: उन्हें नहीं सौंपेगी. इस दंपती के रांची में रहनेवाले रिश्तेदार बुधवार को बच्चा प्राप्त करने के लिए आवेदन देने सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे थे़
वहां बताया गया कि बच्चे को हर सप्ताह सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत करना होगा. इसके बाद रिश्तेदार ने आवेदन नहीं दिया. साथ ही कहा गया कि इस मामले में सीडब्ल्यूसी निर्णय लेगा.
सिमडेगा की दंपती ने प्रस्तुत किया बच्चा : दूसरी तरफ, सिमडेगा के दंपती ने एक सप्ताह होने पर सीडब्ल्यूसी के सामने बुधवार को बच्चे को प्रस्तुत किया. सीडब्ल्यूसी ने बच्चे से संबंधित जानकारी लेकर उसे वापस भेज दिया. कोकर से बरामद बच्ची नव्या को पालने वाली मां शैलजा तिर्की को सीडब्ल्यूसी ने 12 जुलाई को सौंपा था.
शैलेजा को एक सप्ताह में बच्ची को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. मालूम हो कि एक साल की मासूम की स्थिति सीडब्ल्यूसी की कस्टडी में ठीक नहीं थी, इसलिए सीडब्ल्यूसी ने बच्ची के हित में पालने वाली मां को सौंपने का निर्णय लिया था.
नामकुम से बरामद बच्ची शेल्टर होम में ही रहेगी : रविवार को नामकुम से बरामद बच्ची को सीडब्ल्यूसी ने शेल्टर होम में ही रखने का निर्णय लिया है. बच्ची को जन्म देने वाली मां पूजा बुधवार को सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचकर बच्चा देने की मांग की. उसका कहना था कि उसने बच्चे को नहीं बेचा.
काम करने के दौरान महुआटोली निवासी अनुपमा एक्का के घर रखकर जाती थी. किसी ने झूठी खबर देकर बच्ची से दूर करा दिया. उसने बच्ची के टीकाकरण से संबंधित कागजात भी दिखाया. सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने कहा कि पहले इस मामले की जांच पुलिस करेगी. इसके बाद ही बच्ची दी जायेगी.
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