पिठोरिया : गरीब बच्चे पढ़ाई छोड़ने को हैं विवश

पिठोरिया क्षेत्र में एक भी इंटर कॉलेज नहीं, उच्च शिक्षा में आ रही है बाधा पिठोरिया : मैट्रिक के रिजल्ट के बाद जहां आर्थिक रूप से संपन्न बच्चे बाहर के शिक्षण संस्थानों में नामांकन को लेकर खुश हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकतर बच्चे ऐसे हैं, जो पिठोरिया में इंटर कॉलेज नहीं रहने के कारण पढ़ाई […]
पिठोरिया क्षेत्र में एक भी इंटर कॉलेज नहीं, उच्च शिक्षा में आ रही है बाधा
पिठोरिया : मैट्रिक के रिजल्ट के बाद जहां आर्थिक रूप से संपन्न बच्चे बाहर के शिक्षण संस्थानों में नामांकन को लेकर खुश हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकतर बच्चे ऐसे हैं, जो पिठोरिया में इंटर कॉलेज नहीं रहने के कारण पढ़ाई छोड़ने को विवश हैं.
पिठोरिया क्षेत्र के 44 गांव के साथ-साथ निकट के पतरातू, ओरमांझी, कांके, ठाकुरगांव व रातू थाना क्षेत्र के 20 गांव की दो लाख की आबादी के बीच एक भी इंटर कॉलेज नहीं रहने का दंश छात्र झेल रहे हैं. क्षेत्र के अधिकांश बच्चे गरीबी व इंटर कॉलेज नहीं रहने के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं. गौरतलब है कि पिठोरिया क्षेत्र में दर्जन भर से ज्यादा उच्च विद्यालय हैं. इन विद्यालयों से 2018 की मैट्रिक परीक्षा में 642 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए है.
क्षेत्र में इंटर कॉलेज नहीं होने की झलकती है पीड़ा
पिरूटोला के अजमुल अंसारी की पुत्री साजिया परवीन 2017 में प्रथम श्रेणी से मैट्रिक पास हुई थी. कपड़े की फेरी करनेवाले अजमुल के लिए बेटी को बाहर भेज कर आगे की पढ़ाई कराना संभव नहीं हुआ. आर्थिक तंगी उसकी पढ़ाई में रुकावट बन गयी. क्षेत्र में इंटर कॉलेज होता, तो शायद वह किसी तरह बेटी को इंटरमीडिएट करा देते.
यहीं हाल इचापीड़ी के इदरीश अंसारी की है. उनकी बेटी सफीना परवीन इसी वर्ष प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण हुई है. खेती व मजदूरी कर परिवार चलाने वाले इदरीश अंसारी अब बेटी को आगे पढ़ा पाने में असमर्थ हैं. चौबे खटंगा गांव का दीपक उरांव 2017 में मैट्रिक पास हुआ था, लेकिन पिठोरिया में इंटर कॉलेज नहीं रहने के कारण उसकी पढ़ाई छूट गयी. वह रांची में मजदूरी कर रहा है. राढ़हा के मोढ़ा बस्ती की रहनेवाली सवंती कुमारी भी इसी वर्ष मैट्रिक पास हुई है, लेकिन इंटर कॉलेज नहीं होने व गरीबी के कारण वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पायेगी. छात्रों एवं अभिभावकों का कहना है कि पिठोरिया क्षेत्र में इंटर कॉलेज खोलने की मांग शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से कई बार की गयी, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला.
कॉलेज खोलने की मांग पर मिलता है सिर्फ आश्वासन
दो वर्ष पूर्व सांसद रामटहल चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पिठोरिया में इंटर कॉलेज खोलने की मांग की गयी थी, लेकिन सरकार की ओर से पहल नहीं हुई. वहीं इस विषय पर कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम कहते हैं कि पिठोरिया में इंटर कॉलेज का होना बहुत जरूरी है. उत्क्रमित उच्च विद्यालय पिठोरिया में इंटर कॉलेज खोलने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय झारखंड सरकार से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.
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