रांची : प्रदेश के शहरों में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में की गयी. इस दौरान नगर निकायों के प्रोफेशनल वर्क कल्चर को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई.
प्रोफेशनल वर्क कल्चर अपनाने के मामले में मार्च 2018 में जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र को नगर निगमों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है. दूसरे स्थान पर आदित्यपुर नगर निगम और तीसरे स्थान पर चास नगर निगम को जगह मिली है. ठीक उसी प्रकार नगर परिषदों में दुमका, सिमडेगा और मधुपुर को क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान मिला है. उसी प्रकार नगर पंचायतों में भी चिरकुंडा, खूंटी और बासुकीनाथ को क्रमशः पहला दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है.
अपूर्ण योजनाओं को 31 मई से पहले पूर्ण करें : बैठक में विशेष रूप से प्रदेश की नगर निकायों में चल रही 50 लाख रुपये तक की 535 योजनाओं की समीक्षा हुई. इन योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2017 -18 में आवंटित योजनाओं के साथ साथ 2016-17 की लगभग 40% अपूर्ण योजना भी शामिल है.
विभिन्न नगर निकायों से आये अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि 2016-17 की अपूर्ण योजनाओं को 31 मई से पहले पूर्ण किया जाये.गौरतलब है कि 50 लाख रुपया तक की योजनाओं में बहुउद्देशीय भवनों, वार्ड विकास केंद्रों, बस अड्डा और पार्क के साथ-साथ शहरों की विभिन्न सड़क मार्ग शामिल हैं. वहीं अधिकारियों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों का ही कम्युनिटी टॉयलेट पर विशेष जोर है और ऐसी योजनाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी.
समीक्षा बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक राजेश शर्मा ने नगर निकायों के पदाधिकारियों से प्रत्येक योजनाओं की अलग-अलग रिपोर्ट ली. साथ ही कई पदाधिकारियों को फटकार भी लगायी. बैठक में प्रदेश भर के शहरों में बनने वाले मिनी स्लॉटर हाउस के लिए भी जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने और कार्य में प्रगति लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया.
बैठक में सुडा निदेशक, नगर विकास विभाग के विशेष सचिव बीपीएल दास, संयुक्त सचिव अरुण कुमार रतन,संयुक्त सचिव बी एन चौबे, उपसचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा, रांची के नगर आयुक्त डॉ शांतनु अग्रहरि और जुडको के परियोजना निदेशक डीडी मिश्रा के साथ साथ नगर निकायों के अधिकारी मौजूद रहे.
