गिरिडीह के सड़क हादसे में छात्रा की मौत के बाद बवाल, पोस्टमार्टम नहीं होने पर ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़

बगोदर के ट्रामा सेंटर में हुई तोड़-फोड़ का दृश्य, Pic Credit- Prabhat Khabar
Giridih Road Accident: गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में छात्रा की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया. आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण शव 24 घंटे तक ट्रामा सेंटर में पड़ा रहा, जिससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की.
Giridih Road Accident, गिरिडीह, (राकेश सिन्हा): गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र स्थित अटका में शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में एक छात्रा की मौत हो गयी. मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए बगोदर ट्रामा सेंटर लाया गया, लेकिन वहां कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका. परिजन मृतक का पोस्टमार्टम बगोदर ट्रामा सेंटर में ही कराने की मांग पर अड़े रहे, जिससे छात्रा का शव अगले दिन तक अस्पताल में ही पड़ा रहा.
आक्रोशित परिजनों ने कर दी अस्पताल में तोड़ फोड़
शनिवार को भी हड़ताल जारी रहने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया. परिजन लगातार आउटसोर्सिंग कर्मियों से अनुरोध करते रहे, लेकिन करीब तीन-चार घंटे तक कोई समाधान नहीं निकल सका. इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी. इस दौरान ट्रामा सेंटर में लगे ऑक्सीजन पाइप, नोजल, कुर्सियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि खिड़कियों के शीशे भी तोड़ दिये गये.
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प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद हुआ पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ट्रामा सेंटर पहुंची और बगोदर अंचल अधिकारी को मामले की जानकारी दी गई. अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
तोड़फोड़ के दौरान चिकित्सक को लगी चोट
इस संबंध में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे, इसी कारण पोस्टमार्टम को लेकर बातचीत चल रही थी. इसी बीच परिजन आक्रोशित हो गये और तोड़फोड़ की घटना हुई. इस दौरान एक चिकित्सक डॉ. हेमंती कुमारी को भी चोट आई है.
विधायक नागेंद्र महतो भी पहुंचे थे ट्रामा सेंटर
बताया जाता है कि मामले को सुलझाने के लिए बगोदर विधायक नागेंद्र महतो भी ट्रामा सेंटर पहुंचे थे और आउटसोर्सिंग कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे. देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और मामला हिंसक रूप ले बैठा. फिलहाल आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल जारी है.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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