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नशे का कारोबार करने वाले सावधान! खरसावां में ड्रोन से होगी अफीम की खेती की निगरानी

Updated at : 17 Jan 2026 3:04 PM (IST)
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Kharsawan

खरसावां थाना क्षेत्र में ड्रोन से ली गई तस्वीर.

Kharsawan: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है. खरसावां क्षेत्र में अब ड्रोन कैमरों से आसमान से निगहबानी की जा रही है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संदिग्ध इलाकों का भौतिक सत्यापन किया गया, जहां कई स्थानों पर खेती और कई जगह परती भूमि पाई गई. पुलिस ने साफ किया है कि इस साल अफीम की खेती को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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शचिंद्र कुमार दाश

Kharsawan: नशे का कारोबार करने वाले अब सावधान हो जाएं. झारखंड के सरायकेल खरसावां जिले में अफीम की खेती की निगरानी करने के लिए पुलिस ने तगड़ा इंतजाम किया है. खबर है कि खरसावां में अफीम की खेती की आसमान से की जाएगी. इस क्षेत्र में अफीम की खेती पर नजर रखने के लिए अब ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है. पुलिस का उद्देश्य है कि इस साल अफीम की खेती को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जाए.

ड्रोन से की जा रही संदिग्ध इलाकों की निगरानी

पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर पुलिस टीम ने खरसावां के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन कैमरे से निगरानी अभियान चलाया. इस दौरान खरसावां थाना क्षेत्र के लखनडीह, नारायणबेड़ा और हुडांगदा गांव के आसपास जंगलों और खेतों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया गया.

खेतों में आलू, सरसों और सब्जी की खेती

पुलिस के वेरिफिकेशन के दौरान कुछ जगहों पर आलू, सरसों और सब्जी की खेती पाई गई, जबकि अधिकांश क्षेत्र परती मिले. पुलिस ने विशेष रूप से उन इलाकों पर फोकस किया है, जहां पहले अफीम की खेती नष्ट की गई थी. लखनडीह गांव में स्थानीय लोगों को वैकल्पिक खेती करने के लिए जागरूक किया गया.

अफीम उगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि अफीम की खेती युवाओं को बर्बाद कर रही है और उपजाऊ जमीन को बंजर बना रही है. यदि कोई व्यक्ति दोबारा अफीम की खेती करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछले साल जिन गांवों में अफीम की खेती को पुलिस ने नष्ट कर दिया था, उन गांवों में अफीम की खेती पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए ड्रोन के जरिए सर्च अभियान चलाया गया. पुलिस ने अफीम की अवैध खेती को लेकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया.

82 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती नष्ट

थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पिछले साल खरसावां थाना क्षेत्र के करीब 82 एकड़ खेतों में अफीम की खेती को विनष्ट किया गया था. उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन इस साल अफीम की खेती को जड़ से खत्म करना चाहती है. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती युवाओं को बर्बाद कर रही है और यहां की उपजाऊ भूमि को बंजर बना रही है.

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अफीम की खेती करने वालों पर कठोर कार्रवाई

उन्होंने अफीम की खेती करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अफीम के खेती करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने ग्रामीणों को अफीम के दुष्प्रभाव से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी तथा अफीम के स्थान पर वैकल्पिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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