झारखंड : स्वास्थ्य व पोषण के प्रति संवेदनशील बने सरकार : सरयू राय
Author Prabhat khabar digital desk
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संपूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 10 साल में आठ % से बढ़ कर 90 % हो गयी, सरयू राय ने कहा रांची : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि स्वास्थ्य व पोषण के प्रति सरकार को संवेदनशील होना होगा. इसके लिए सामुदायिकता का विस्तार जरूरी है. इस सामुदायिक प्रयास में सरकार की भूमिका सार्थक […]
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संपूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 10 साल में आठ % से बढ़ कर 90 % हो गयी, सरयू राय ने कहा
रांची : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि स्वास्थ्य व पोषण के प्रति सरकार को संवेदनशील होना होगा. इसके लिए सामुदायिकता का विस्तार जरूरी है. इस सामुदायिक प्रयास में सरकार की भूमिका सार्थक होनी चाहिए. यही नहीं लोगों को मानसिकता में भी बदलाव लाना होगा.
श्री राय बुधवार को रिम्स ऑडिटोरियम में सामुदायीकरण संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का कार्य सामुदायिक कार्य है.
जिस तरह से सहिया सामुदायिक भावना का विकास कर रही हैं, वह प्रशंसनीय है. हमें ऐसे समुदाय के लोगों पर भरोसा जताना होगा. साथ ही उन्हें सशक्त बनाने की पहल करनी होगी. उन्होंने कहा कि सहियाओं को अपना कार्य क्षेत्र बढ़ाना चाहिए.
इन्हें स्वास्थ्य के साथ-साथ पोषण पर भी कार्य करना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने अपनी बातें वीडियो कांफेंसिंग के जरिये रखी. उन्होंने कहा कि पार्टिसिपेटरी लर्निंग एवं एक्शन (पीएलए) प्लान के जरिये की जा रही बैठकों की वजह से मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में कमी आ रही है. यह उल्लेखनीय है. उन्होंने कहा कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सहियाओं की अहम भूमिका है.
सामुदायिक कार्यकर्ताओं मिलेंगी सुविधाएं : पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि राज्य में हो रही पीएलए की बैठकें सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है.
उन्होंने कहा कि पीएलए बैठकों में जाने का मौका मिला है. इन बैठकों से महिलाओं में स्वास्थ्य मुद्दों पर समझ विकसित हुई है. वे जागरूक हो रही हैं. उन्होंने कहा कि सामुदायिक कार्यकर्ताओं को सरकार की ओर से सुविधा दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
18 वर्ष से पहले हो जाती है 38 प्रतिशत लड़कियों की शादी
स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा कि झारखंड में 38 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले कर दी जाती है. ऐसे में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए 18 साल के बाद शादी करने काे बढ़ावा देना होगा.
यदि सहियाओं का सहयाेग मिले तो आने वाले दिनों में कई गांव, पंचायत, प्रखंड व राज्य बाल विवाह मुक्त हो जायेगा. कहा कि 10 साल पहले संपूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि आठ प्रतिशत थी, जो आज 90 प्रतिशत तक पहुंच गयी है. यह सब संभव हो सका है सहियाओं के कारण, जिनकी वजह से सामुदायिक गतिविधियों से लोगों में जागरूकता आयी है. रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव, डॉ प्रदीप बास्की, डॉ पुष्पा मरिया बेक, हलधर महतो, सामाजिक कार्यकर्ता बलराम, ब्रह्मदेव महतो ने अपने विचार रखे.
वहीं, गढ़वा, लोहरदगा, लातेहार समेत अन्य जिलों की सहियाओं ने एक लघु नाटिका के जरिये सामुदायिक बैठक व मां-बच्चे की मृत्यु रोकने से संबंधित जानकारियां दीं. कार्यक्रम का आयोजन एकजुट संस्था व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. कार्यक्रम में डॉ निर्मला नायर, शिवानंद रथ, राजकुमार गोप, अमित बनर्जी, विकास नाथ के अलावा पूरे राज्य से सहियाओं ने हिस्सा लिया.
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