23 प्लस टू उच्च विद्यालयों में से आधे में प्रयोगशाला नहीं
चतरा : जिले में कुल 23 प्लस टू उच्च विद्यालय संचालित हैं, लेकिन आधे से अधिक स्कूलों में प्रयोगशाला ही नहीं है. साथ ही प्लस टू शिक्षकों की भी कमी है. राज्य संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय चतरा में कई वर्ष पूर्व भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान के लिये प्रयोगशाला की व्यवस्था की गयी थी. यहां मैट्रिक के छात्र कभी कभार प्रैक्टिकल करते हैं. लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्थिति दयनीय है.
उपकरण का नाम तक पता नहीं
विद्यालय के छात्र अखिलेश, अभिषेक, रौशन, मिथिलेश राणा समेत अन्य ने प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले चार उपकरण परखनली, वीकर, नाद व बर्नर का नाम बताया. प्रधानाध्यापक देवकुमार मिश्र ने बताया की विद्यालय में पानी की कमी है. बच्चों को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है. पानी के अभाव में पांच लाख की लागत से बना साइंस सेंटर भी बेकार पड़ा है.
वहीं इंटर के शिक्षक नहीं होने के कारण प्लस टू उवि के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगशाला कराने में भी परेशानी होती हैं. आलम यह है कि मैट्रिक के साइंस टीचर से ही काम चलाया जा रहा है. इसके अलावे जिले के अन्य प्लस टू उवि में प्रयोगशाला नहीं होने से बच्चों को प्रैक्टिकल करने में परेशानी हो रही हैं. रामनारायण प्लस टू उवि हंटरगंज में प्रैक्टिकल नहीं होता है. इंटर साइंस के बच्चे प्रैक्टिकल नहीं कर पाते हैं.
इंटर साइंस के छात्र मो. फैजल, आशुतोष कुमार, राहुल कुमार व निलेश कुमार ने बताया की प्रैक्टिकल के लिए कई बार इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से की गयी लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया.
