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हाइवे पर जल्द खुलेंगे मयखाने, फिर छलकेंगे पैमाने

Updated at : 25 Aug 2017 1:10 AM (IST)
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हाइवे पर जल्द खुलेंगे मयखाने, फिर छलकेंगे पैमाने

रांची : झारखंड में धीरे-धीरे शराबबंदी की बात करनेवाली सरकार अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब की दुकानें खोलने की तैयारी कर रही हैं. जी हां, चंडीगढ़ में हाइवे डिनोटिफाई करने के फैसले को चुनौती देनेवाली याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि […]

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रांची : झारखंड में धीरे-धीरे शराबबंदी की बात करनेवाली सरकार अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब की दुकानें खोलने की तैयारी कर रही हैं. जी हां, चंडीगढ़ में हाइवे डिनोटिफाई करने के फैसले को चुनौती देनेवाली याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुना दिया है. कोर्ट ने कहा है कि नगर निगम या महानगरपालिका सीमा के तहत आनेवाले हाइवे पर शराब की बिक्री पर पाबंदी का नियम लागू नहीं होगा. इसके बाद झारखंड सरकार के उत्पाद विभाग ने निगम क्षेत्र में एनएच एवं एसएच पर शराब की दुकानें खोलने की तैयारी शुरू कर दी है.

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देश भर में शहरों के बीच से गुजरने वाले हाइवे (राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग) पर अब फिर से शराब बेची जा सकेगी. सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में हाइवे डिनोटिफाई करने के फैसले को चुनौती देनेवाली याचिका की सुनवाई के बाद इससे संबंधित आदेश दिया है. कहा है कि 31 दिसंबर 2015 को न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के पीछे सोच उस हाइवे की थी जो शहर, कस्बे या गांव को जोड़ती हैं. इसलिए निगम या महानगर पालिका सीमा के तहत आनेवाले हाइवे पर शराब बिक्री का नियम लागू नहीं होगा.

जुलाई में हाइवे के 500 मीटर इलाके में शराब पर रोक के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई हाइवे सिटी के बीच से होकर गुजरता है और अगर उसे डिनोटिफाई किया जाता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है. इस संबंध में कोर्ट ने कहा था कि सिटी के अंदर के हाइवे और बिना सिटी के हाइवे में बहुत अंतर है. हाइवे का मतलब है, जहां तेज रफ्तार में गाड़ियां चलती हों.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाइवे के 500 मीटर दायरे में शराब की बिक्री पर रोक लगाने के पीछे लोगों को शराब पीकर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने से रोकना है. हालांकि, शहरों में इस तरह की तेज रफ्तार देखने को नहीं मिलती. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की सीमाओं में अगर सड़कों का पुन: वर्गीकरण किया गया है, तो यह आदेश लागू नहीं होगा.

झारखंड सरकार को मिली आदेश की कॉपी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों पर शराब बेचने से लगायी रोक हटाने से संबंधित आदेश झारखंड सरकार को मिल गया है. उत्पाद विभाग द्वारा निगम क्षेत्र में स्थित एनएच और एसएच पर शराब की दुकानें खोलने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. कोर्ट के संबंधित आदेश की वजह से राजधानी में रातू रोड, कांके रोड, एचबी रोड, मेन रोड, कचहरी चौक जैसी कई जगहों पर शराब की दुकानें बंद कर दी गयी थी. अब इन सभी जगहों पर फिर से दुकानें और बार खोले जा सकेंगे. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने शराब दुकानें खोलने के लिए शहरों से गुजरने वाले एनएच और एसएच के पुर्नवर्गीकरण की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी थी. हालांकि, कोर्ट के आदेश के बाद अब हाइवे के पुर्नवर्गीकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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