झारखंंड: भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की बैठक में निर्णय, रांची विश्वविद्यालय में बनेगा जियोलॉजिकल म्यूजियम

Updated at : 11 Aug 2017 8:17 AM (IST)
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झारखंंड: भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की बैठक में निर्णय, रांची विश्वविद्यालय में बनेगा जियोलॉजिकल म्यूजियम

रांची: झारखंड राज्य भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की 21वीं बैठक प्रोजेक्ट भवन में हुई. बैठक में विशेषज्ञों ने नये खनिजों की खोज पर जोर दिया. वहीं रांची विश्वविद्यालय में जियोलॉजिकल म्यूजियम की स्थापना पर सहमति दी गयी. इस पर 10 लाख रुपये खर्च होंगे. मौके पर उद्योग, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव सुनील बर्णवाल ने […]

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रांची: झारखंड राज्य भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की 21वीं बैठक प्रोजेक्ट भवन में हुई. बैठक में विशेषज्ञों ने नये खनिजों की खोज पर जोर दिया. वहीं रांची विश्वविद्यालय में जियोलॉजिकल म्यूजियम की स्थापना पर सहमति दी गयी. इस पर 10 लाख रुपये खर्च होंगे. मौके पर उद्योग, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव सुनील बर्णवाल ने कहा कि खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड राज्य में खनिज अन्वेषण का रोडमैप तैयार कर खनिज अन्वेषण कार्यक्रम बनाया जाये.

ऐसा करने से एक निश्चित समय तक झारखंड राज्य की खनिज संपदा का पूर्ण आकलन हो पायेगा. झारखंड सरकार द्वारा भूतत्व निदेशालय को चरणबद्ध तरीके से सभी संसाधनों से परिपूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है. नियमित नियुक्ति होने तक भूतत्ववेत्ताओं तथा भूतात्विक विश्लेषकों की अनुबंध पर नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है, जो सितंबर 2017 तक अपना योगदान विभाग में दे देंगे. इसके अतिरिक्त खनिज प्रशासन के लिए खनन पदाधिकारियों की भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है.

खनिजों की खोज पर जोर लघु खनिजों की होगी नीलामी
बैठक में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के उप महानिदेशक ने राजकीय भूतात्विक प्रयोगशाला, हजारीबाग को नये उपकरणों तथा तकनीकी विशेषज्ञों से सुसज्जित करने का सुझाव दिया. जिस पर सहमति दी गयी. झारखंड राज्य में लघु खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए नियम अधिसूचित की जा चुकी है. पर्षद की बैठक में लघु खनिजों के खनिज अन्वेषणों के मानदंड तय करने हेतु नियम पर भू-वैज्ञानिकों से सुझाव मांगा गया तथा एक माह के अंदर नियम अधिसूचित कराने की दिशा में कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया, ताकि झारखंड राज्य में पाये जानेवाले लघु खनिजों के विशाल भंडार का आकलन कर नीलामी की कार्रवाई की जा सके.
दो पन्ना खदानों की नीलामी के लिए तैयार
भारत सरकार अंतर्गत कार्यरत अन्वेषण एजेंसी एमइसीएल द्वारा राज्य में चार तथा एनएमडीसी द्वारा एक अन्वेषण कार्यक्रम नेशनल मिनरल एक्सपोलेरेशन ट्रस्ट की फंडिंग के तहत कार्य करने की सूचना दी गयी. इनके द्वारा कोडरमा तथा गिरिडीह क्षेत्र में टीन खनिज, पश्चिम सिंहभूम में लौह अयस्क खनिज अन्वेषण का कार्य किया जा रहा है. भूतत्व निदेशालय के द्वारा कहा गया कि पन्ना खनिज के दो खदान पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांधा क्षेत्र में तैयार किये गये हैं, जिनकी नीलामी करायी जा सकती है. इसके अतिरिक्त चूनापत्थर के दो तथा ग्रेफाइट के एक ब्लॉक की नीलामी करायी जा सकती है. लौह अयस्क तथा बॉक्साइट का एक–एक ब्लॉक माह सितंबर 2017 तक नीलामी के लिए उपलब्ध हो जायेंगे. बैठक में झारखंड राज्य में भूतात्विक संग्रहालय की स्थापना के लिए स्थल उपलब्ध कराने का आग्रह सरकार से किया गया है. इसके पूर्व भूतत्व निदेशक कुमारी अंजली ने स्वागत भाषण देते हुए पर्षद की आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. बैठक में खान आयुक्त अबु बकर सिद्दकी समेत आइबीएम, एमइसीएल, सीएमपीडीआइ आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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