पतरातू में स्टेट लेवल इंफ्लुएंसर मीट आयोजित, झारखंड पर्यटन को डिजिटल पहचान दिलाने पर जोर

स्टेट लेवल इंफ्लुएंसर मीट में झारखंड पर्यटन विभाग के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर
Ramgarh News: पतरातू के सरोवर विहार में आयोजित स्टेट लेवल इंफ्लुएंसर मीट में झारखंड पर्यटन को डिजिटल पहचान दिलाने पर जोर दिया गया. पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स को पर्यटन विभाग से जोड़ने की बात कही. कार्यक्रम में पर्यटन विकास, महिला सुरक्षा और मॉनसून टूरिज्म को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित पतरातू पर्यटन परिसर सरोवर विहार में सोमवार को स्टेट लेवल इंफ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्य के पर्यटन क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान दिलाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. इस आयोजन में झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, पर्यटन सचिव मुकेश कुमार, जेटीडीसी के एमडी प्रेम रंजन, डिप्टी डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह, रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज और एसपी मुकेश लुनायत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.
शॉल और मोमेंट देकर किया गया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद सभी अतिथियों का शॉल और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया. कार्यक्रम में राज्यभर से पहुंचे डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सुदीप कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य, जंगलों, झरनों और पर्यटन स्थलों से भरपूर राज्य है, लेकिन डिजिटल माध्यमों पर इसकी पहचान अभी भी सीमित है. उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद पर्यटन का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और अब लोग किसी भी पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त करते हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड के स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स राज्य की वास्तविक तस्वीर देश और दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. स्थानीय भाषा और स्थानीय अनुभवों के साथ तैयार किए गए कंटेंट लोगों के बीच अधिक विश्वसनीयता पैदा करते हैं.
स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स को मिलेगा मंच
पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय डिजिटल क्रिएटर्स को पर्यटन विभाग के साथ जोड़कर उन्हें स्टेकहोल्डर पार्टनर के रूप में विकसित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़े सोशल मीडिया चेहरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि छोटे और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले क्रिएटर्स को भी अवसर देना चाहती है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों और स्थानीय डिजिटल कंटेंट निर्माताओं को भी इस पहल में शामिल किया जाएगा. बेहतर और प्रभावी कंटेंट तैयार करने वालों को विभाग की ओर से आर्थिक सहयोग देने की योजना भी बनाई जा रही है.
झारखंड बनेगा सेफेस्ट मॉनसून डेस्टिनेशन
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने झारखंड को “सेफेस्ट मॉनसून डेस्टिनेशन” के रूप में प्रचारित करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन और पर्यटकों के फंसने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जबकि झारखंड अपेक्षाकृत सुरक्षित पर्यटन स्थल है. उन्होंने कहा कि मानसून के समय राज्य के जंगल, झरने, डैम और पहाड़ियां अपनी खूबसूरती के चरम पर होती हैं. ऐसे में डिजिटल माध्यम से इन स्थलों की सुंदरता को देशभर तक पहुंचाने की आवश्यकता है. उन्होंने इंफ्लुएंसर्स से अपील की कि वे झारखंड के पर्यटन स्थलों की सकारात्मक तस्वीर लोगों तक पहुंचाएं.
महिला सुरक्षा को लेकर भी दिया संदेश
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि झारखंड महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना है और यहां आने वाली महिला पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकती हैं. मंत्री ने महिला कंटेंट क्रिएटर्स से अपने अनुभव साझा करने की भी अपील की. उनका कहना था कि महिलाओं के सकारात्मक अनुभव दूसरे पर्यटकों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद करेंगे.
पतरातू पर्यटन क्षेत्र के विकास पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में पतरातू पर्यटन क्षेत्र के विकास और सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए. इस पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 की तुलना में पतरातू आने वाले पर्यटकों की संख्या तीन गुना बढ़ चुकी है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां कई नई योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी. मंत्री ने कहा कि सरकार पतरातू को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि योजनाओं को जमीन पर उतरने में समय लगता है, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है.
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कंटेंट क्रिएटर्स ने भी रखे सुझाव
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने भी अपने सुझाव साझा किए. उन्होंने पर्यटन स्थलों के विकास, स्थानीय लोगों की भागीदारी और बेहतर सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही डिजिटल प्रचार-प्रसार को मजबूत बनाने के लिए सरकार और स्थानीय क्रिएटर्स के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई गयी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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