पतरातू में फिर गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट, एक हफ्ते में दूसरी वारदात से दहशत

Updated at : 04 Apr 2026 3:49 PM (IST)
विज्ञापन
Patratu Firing

पतरातू की ओसम दूध फैक्ट्री, जिसके पास गोलीबारी की गई. फोटो: प्रभात खबर

Patratu Firing: पतरातू में एक सप्ताह के भीतर दूसरी फायरिंग घटना से इलाके में दहशत फैल गई है. ओसमा दूध फैक्ट्री के पास बाइक सवार अपराधियों ने कई राउंड गोलियां चलाईं. हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu Firing: झारखंड के पतरातू थाना क्षेत्र में एक बार फिर गोलीबारी की घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया है. शनिवार की अहले सुबह ओसमा दूध फैक्ट्री गेट के पास बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है.

बाइक सवार नकाबपोश अपराधियों ने की फायरिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बाइक पर सवार दो युवक हेलमेट और नकाब पहनकर फैक्ट्री गेट के पास पहुंचे. इसके बाद उन्होंने अचानक हवा में कई राउंड गोलियां चलानी शुरू कर दीं. फायरिंग कुछ देर तक चलती रही और फिर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए. हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन गोलीबारी की आवाज से आसपास के लोग सहम गए. सुबह-सुबह हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया.

एक हफ्ते में दूसरी वारदात से बढ़ी चिंता

पतरातू में यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले 27 मार्च की शाम पतरातू रेलवे फाटक के पास भी गोलीबारी की घटना हुई थी. उस दौरान ओवरब्रिज निर्माण कार्य में तैनात एक सुरक्षा गार्ड को अपराधियों ने गोली मार दी थी. गार्ड को कमर के नीचे गोली लगी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. हालांकि इलाज के बाद उसकी जान बच गई, लेकिन उस मामले का अब तक खुलासा नहीं हो सका है. एक सप्ताह के भीतर दो बड़ी घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश

लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ रहा है. लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे दिनदहाड़े और सुबह-सुबह खुलेआम फायरिंग कर रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है.

पुलिस और प्रबंधन ने किया इनकार

इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पतरातू पुलिस और ओसमा मिल्क फैक्ट्री प्रबंधन ने इस घटना से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन ने भी फायरिंग की घटना को नकार दिया है. इससे मामले को लेकर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर सच क्या है और घटना को क्यों नकारा जा रहा है.

कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से पतरातू की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं. यदि समय रहते इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इलाके में भय का माहौल और गहरा सकता है. लोगों को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई और सुरक्षा की उम्मीद है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

जांच और कार्रवाई की जरूरत

इस घटना के बाद यह जरूरी हो गया है कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे. साथ ही, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. पतरातू में लगातार हो रही फायरिंग की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है. ऐसे में प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके.

इसे भी पढ़ें: एलपीजी किल्लत की मार: रांची में लौट गया कोयलायुग, छोटे दुकानों की सप्लाई बंद

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola