महिला सशक्तीकरण का संदेश लेकर रामगढ़ पहुंची पर्वतारोही आशा

महिला सशक्तीकरण का संदेश लेकर रामगढ़ पहुंची पर्वतारोही आशा
सेना दिवस के उपलक्ष्य पर 11 जनवरी को जयपुर से शुरू हुए अभियान पर निकली हैं. अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक लगभग सात हजार आठ सौ किलोमीटर की तय करेंगी दूरी. रामगढ़. राष्ट्रीय स्तर की पर्वतारोही आशा मालवीय राष्ट्रव्यापी साइक्लिंग अभियान के तहत रामगढ़ पहुंचीं. उनके आने पर रामगढ़ एसपी अजय कुमार व डीएफओ नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया. मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की निवासी आशा मालवीय सौ व दो सौ मीटर दौड़ की राष्ट्रीय स्तर की एथलीट रह चुकी हैं. पर्वतारोहण के क्षेत्र में उन्होंने बीसी रॉय (20,500 फीट) एवं तेनजिंग खान (19,500 फीट) शिखरों पर सफल आरोहण किया है. उनका नाम नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है. उन्होंने महिला सुरक्षा व महिला सशक्तीकरण के संदेश के साथ 26 हजार किलोमीटर की अखिल भारतीय साइक्लिंग यात्रा पूरी की है. कन्याकुमारी से करगिल-सियाचिन-उमलिंगला होते हुए दिल्ली-भोपाल तक की यात्रा की हैं. मध्य प्रदेश में लगभग चार हजार किलोमीटर की साइक्लिंग यात्रा भी पूरी की हैं. वर्तमान में वह भारतीय सेना के सम्मान में 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य पर 11 जनवरी को जयपुर से शुरू हुए अभियान पर हैं. वह अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक लगभग सात हजार आठ सौ किलोमीटर की दूरी तय करेंगी. अब तक पांच हजार दौ सौ किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर रामगढ़ पहुंची हैं. एक साधारण परिवार से आने वाली आशा मालवीय का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है. उनकी मां मजदूरी कर परिवार का सहयोग करती हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने 64 हजार किलोमीटर से अधिक की साइक्लिंग यात्रा पूरी कर युवाओं, विशेष कर युवतियों को अपने सपनों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया है.
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