कोल इंडिया के पेंशन फंड में गंभीर आर्थिक संकट, नहीं किया गया ये काम तो कंपनी नहीं होगी पेशन देने की स्थिति में

Updated at : 18 Feb 2025 12:46 PM (IST)
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Coal India Pension News: कोल इंडिया के पंशन फंड में घाटा का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. अगर ऐसा ही रहा तो कंपनी पेंशन फंड से पेंशन देने की स्थिति में नहीं होगी.

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रामगढ़, सलाउद्दीन : कोयला खदान में कार्यरत अधिकारी और गैर अधिकारियों के पेंशन फंड में आर्थिक संकट आ गया है. लगभग पांच लाख पेंशनधारी के पेंशन भुगतान में दिक्कत होगी. कोल इंडिया वर्तमान पेंशन फंड से पांच साल बाद पेंशन देने की स्थिति में नहीं होगी. अभी से ही पेंशन फंड में घाटा का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. वर्ष 2024-25 में नवंबर माह तक 3389.53 करोड़ राशि पेंशन फंड में आया, इससे 3705.76 करोड का भुगतान हुआ. इससे -316.23 करोड़ का घाटा सामने आया है. वर्ष 2021-22 में पेंशन फंड में जमा राशि 4187.82 करोड़ रुपये थे. इनमें से पेंशन का भुगतान 4449.74 करोड़ हुआ. यानी कि -261.92 करोड़ रुपये का हुआ. वर्ष 2022-23 में 4367.97 करोड जमा हुआ. जबकि पेंशन भुगतान 4689.75 करोड हुआ. यानी -321.78 करोड़ घाटा हुआ. इसी तरह पेंशन फंड में घाटा का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.

नियमित पेंशन के लिए की गयी है हाई लेवल मीटिंग

पेंशनधारियों को नियमित पेंशन कैसे मिलता रहे इसको लेकर हाई लेवल कमेटी का गठन भी कर लिया गया है. भारत सरकार के कोल सचिव विक्रम देव दत्त ने पेंशन फंड में आने वाले आर्थिक संकट पर गंभीरता दिखाई है. कोल इंडिया के चेयरमैन बीएन प्रसाद को इस आर्थिक संकट के समाधान के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है.

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क्या है आर्थिक संकट पेंशन फंड में

वर्तमान समय में कोयला खदान में कार्यरत कर्मियों और अधिकारियों को सेवा निवृति के बाद पेंशन का भुगतान होता है. पेंशन मद के लिए सभी इंप्लॉइज से वेतन का सात प्रतिशत और कोल इंडिया लिमिटेड सात प्रतिशत का अंशदान करता है. वर्ष 2021 से प्रति टन कोयला उत्पादन से 10 रुपया की राशि पेंशन मद में दी जाती है. इस तरह पेंशन फंड में जमा राशि से पेंशन का भुगतान होता है. आने वाले दिनों में आमदनी से ज्यादा पेंशन मद में भुगतान का आंकड़ा होगा. इसी आर्थिक संकंट को लेकर कोल इंडिया लिमिटेड चिंतित है.

कोल इंडिया लिमिटेड ने बनाया हाई लेवल कमेटी

पेंशनधारियों को पेंशन भुगतान में स्थिरता बनी रहे, इसके लिए हाईलेवल की कमेटी का गठन किया गया है. जिस कमेटी में कोल मंत्रालय के एडिसनल सेकेट्री रूपेन्द्र बरार, डीडीजी एमएस संतोष, सीएमपीएफओ के आयुक्त वीके मिश्रा, सहायक आयुक्त एसके सिन्हा, कोल कंपनी के निदेशक पी सीआईएल विनय रंजन, निदेशक एफ सीआईएल मुकेश अग्रवाल, महाप्रबंधक एफ एस सीसीएल एम सुब्रतो, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि एआईटीयुसी रमेंद्र कुमार, सीआईटीयु डीडी रामानन्दन, एचएमएस राकेश कुमार, बीएमएस आशीष कुमार मूर्ति, कोल माईंस ऑफिसर्स एसोसिएशन के डीएन सिंह और जायेश पंडित सदस्य हैं. कमेटी के सदस्यों की चार बैठकें हुई है. जिस पर पेंशन फंड आर्थिक संकट समाधान के लिए सुझाव दिया है. प्रति टन कोयला उत्पादन पर 10 रुपया की राशि बढ़ानी होगी. भारत सरकार के यूनिफाइड स्कीम के दायरे में लाया जाये. जैसे कई प्रस्ताव आये हैं.

राष्ट्रीय स्तर पर सीएमपीएफ के सदस्य

कोल खदान क्षेत्र में कार्यरत क्षेत्र में एंप्लॉय वर्तमान में तीन लाख 37 हजार 47 रुपये हैं. इसमें से भी प्रतिमाह अधिकारी और गैर अधिकारी सेवानिवृत होंगे. पेंशनधारियों की संख्या भी बढ़ेगी.

अभी क्षेत्रवार कार्यरत एंप्लॉय का आंकड़ा इस प्रकार है

क्षेत्रीय कार्यालय कार्यालय धनबाद 1 में 13209, धनबाद-2 में 20877, आसनसोल-1 में 14150, आसनसोल-2 में 14562, आसनसोल-1 में 13091, रांची-1 में 159889, रांची-2 में 21677, जबलपुर में 24440, चिंदवारा में 7848, बिलासपुर में 38615, नागपुर में 30074, सिंगरौली में 24113, गोदावरीखानी में 39874, कोठागुदेम में 13136, कोलकाता में 453, तेलचर में 16696, संबलपुर में 16854, देवघर में 4494, मारघेरिया में 5199, दिल्ली में 1701 कार्यरत हैं. यानी कुल 337047 हैं.

कोल इंडिया लिमिटेड का वर्षवार मुनाफा

कोल इंडिया लिमिटेड ने वर्षवार मुनाफा का आंकड़ा जारी किया है. इसमें प्रतिवर्ष टैक्स देने के पहले मुनाफा 10 वर्षों में बढ़ता गया है. 2013-14 में रु 22879.54 करोड़, 2014-15 में 21583.92 करोड़, 2015-16 में रुपये 21439.80 करोड़, 2016-17 में रु 14446.33करोड़, 2017-18 में रु 10726.44 करोड़, 2017-18 में रुपये 10726.44 करोड़, 2018-19 में रु 27125.46करोड़, 2019-20 में रुपये 24072.49 करोड़, 2021-22 में रुपये 23624.87 करोड़, 2022-23 में रुपये 38008.95 करोड़, 2023-24 में रुपये 48813.00 करोड़ है.

क्या कहते हैं भारत सरकार के कोल सचिव

कोल सचिव विक्रम देव दत्त ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड से पिछले 50 वर्षों से एंप्लॉय जुड़े हुए हैं. सकारात्मक निर्णय इनके हित में लेना चाहिए.

क्या कहते हैं एआईटीयुसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार

रमेन्द्र कुमार ने कहा कि पेंशनरधारी को पेंशन देने की जवाहदेही कोल इंडिया को लेनी होगी.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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