मेट्रो कॉरिडोर-2 में तेज सुरंग निर्माण, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर तक काम रफ्तार पर

Patna Metro Underground Project
Patna Metro: पटना मेट्रो प्रोजेक्ट अब तेजी से जमीन पर उतरती दिख रही है. मेट्रो कॉरिडोर-2 (रेड लाइन) पर सुरंग निर्माण का काम रफ्तार पकड़ चुका है. मोइनुल हक से राजेंद्र नगर के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में अत्याधुनिक तकनीक से सुरंग बनाई जा रही है, जो शहर के भविष्य की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती है.
Patna Metro:पटना में मेट्रो का सपना अब जमीन के नीचे आकार लेने लगा है. पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) ने कॉरिडोर-2, जिसे ‘रेड लाइन’ के नाम से जाना जाता है, उस पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.
इस समय सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक काम मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर स्टेशन के बीच चल रहा है, जहां लगभग एक किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार की जा रही है. यह वह इलाका है जहां ऊपर हजारों लोगों की आबादी और व्यस्त रेलवे ट्रैक हैं, लेकिन नीचे खामोशी से भविष्य की लाइफलाइन बिछाई जा रही है.
घनी आबादी के नीचे अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का कमाल
पटना जैसे पुराने और घनी आबादी वाले शहर में जमीन के नीचे सुरंग बनाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. मेट्रो प्रशासन इस काम के लिए ऐसी अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है जिससे ऊपर रहने वाले लोगों को भनक तक नहीं लग रही.
न तो ट्रैफिक रोका जा रहा है और न ही सामान्य जनजीवन बाधित हो रहा है. राजेंद्र नगर का यह अंडरग्राउंड सेक्शन तकनीकी रूप से सबसे जटिल हिस्सा है, क्योंकि यहाँ मिट्टी की संरचना और रेलवे लाइन की सुरक्षा का दोहरा दबाव है.
7 अंडरग्राउंड स्टेशनों के साथ बदल जाएगी पटना की सूरत
कॉरिडोर-2 यानी रेड लाइन में कुल 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से सात स्टेशन पूरी तरह से अंडरग्राउंड होंगे. बाकी के पांच स्टेशन ‘प्रायोरिटी कॉरिडोर’ का हिस्सा हैं. यह कॉरिडोर शहर के पूर्वी और पश्चिमी कोनों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा. जब यह रूट पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो अशोक राजपथ और राजेंद्र नगर जैसे व्यस्त इलाकों में रेंगते ट्रैफिक की समस्या इतिहास बन जाएगी.
पटना मेट्रो न केवल यात्रा का समय आधा कर देगी, बल्कि प्रदूषण मुक्त आवागमन का एक बेहतरीन विकल्प भी पेश करेगी. अंडरग्राउंड निर्माण तकनीकी रूप से काफी जटिल है. इसके बावजूद तय समयसीमा में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है, ताकि किसी तरह की देरी न हो.
PMRCL कर रहा निर्माण की निगरानी
कॉरिडोर-2 प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) की निगरानी में हो रहा है. एजेंसी लगातार प्रगति की समीक्षा कर रही है और काम को तेज गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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